निचली अदालत से फैसला मुर्तजा के पक्ष में आया था। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ बीमा कंपनी हाईकोर्ट चली गई थी। कुछ समय पूर्व हाईकोर्ट ने अधिकृत स्वामी से ही रिकवरी करने के आदेश देते हुए प्रकरण की फाइल निचली अदालत को भेज दी थी।
पिछले दिनों एडीजी द्वितीय कोर्ट ने 2.57 लाख के रिवकरी वारंट जारी किए थे। उसी के आधार पर रविवार को तहसील प्रशासन ने मुर्तजा को अभिरक्षा में लेते हुए सदर हवालात में कैद कर दिया था।
रविवार की देर रात हवालात में कैद मुर्तजा की हालात बिगड़ गई थी। आनन फानन में तहसील कर्मचारी मनोज उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी मिलने पर परिजन एवं परिचितों ने जिला अस्पताल में पहुंचकर हंगामा काटा।
अभिरक्षा में मौत से तहसील प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में एसडीएम कुश्म चौहान, तहसीलदार आशीष घिल्डियाल, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह मौके पर पहुंच गए। सोमवार की सुबह चिकित्सकों के पैनल से मुर्तजा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।