विधि विवि को लेकर पुलिस-प्रशासन से भिड़े ग्रामीण और महिलाएं, कई हिरासत में लिए
शासन द्वारा रानीपोखरी में प्रस्तावित लॉ यूनिवर्सिटी से संबंधित भूमि को सौंग बांध परियोजना प्रभावितों को दे दिया गया है। रेशम विभाग की करीब 6.233 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है। संबंधित भूमि के सीमांकन के समय लिस्ट्राबाद में पुलिस-प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हंगामा हो गया।
भूमि सीमांकन के लिए सुबह करीब नौ बजे आसपास के थानों का भारी पुलिस बल, फायर बिग्रेड, प्रशासन और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक लोग मौके पर बैठकर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे। जिसके बाद ग्रामीण, महिलाएं और कांग्रेस नेता सीमांकन कार्य बंद कराने की मांग पर पुलिस-प्रशासन से भिड़ गए। करीब आधे घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। जिसके बाद सीमांकन कार्य बंद करवाने की कोशिश कर रहे रानीपोखरी प्रधान सुधीर रतूड़ी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह, प्रधान संगठन अध्यक्ष अनुप चौहान आदि को पुलिस जबरन उठाकर बस में बैठाकर मौके से रायवाला की तरफ ले गई।
हंगामे के दौरान कई महिलाओं को भी महिला पुलिस कर्मियों ने जबरन हटाया। करीब डेढ़ घंटे तक लिस्ट्राबाद में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हंगामा चलता रहा। सुधीर रतूड़ी का कहना था कि सौंग बांध प्रभावितों से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। पुलिस-प्रशासन बताए कि विधि विवि किस भूमि पर बनाया जाएगा। गौरव सिंह और मोहित उनियाल ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों की आवाज को पुलिस से जबरन दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
क्षेत्रीय विधायक पहुंचे मौके पर
भूमि का सीमांकन किए जाने की सूचना पाकर क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण गैरोला भी मौके पर पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक ने प्रशासन से कहा कि इस भूमि पर लॉ यूनिवर्सिटी के लिए शिलान्यास किया गया था। ग्रामीण भी पिछले करीब 38 दिनों से इसके लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन एसडीएम ऋषिकेश द्वारा कहा गया कि उन्हें ऊपर से जो आदेश दिए गए हैं। वो उसी का पालन करने आए हैं। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि लॉ यूनिवर्सिटी इसी भूमि पर बनाई जाएगी। विधायक के जाने के बाद ग्रामीण और महिलाएं पुलिस से भिड़ गए।
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लिस्ट्राबाद में रेशम विभाग के नाम दर्ज करीब 6.233 हेक्टेयर भूमि को शासनादेश के बाद सौंग बांध परियोजना प्रभावितों के लिए सिंचाई विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। जिलाधिकारी की ओर से गठित कमेटी ने भूमि का सीमांकन कार्य किया। यदि विधि विवि से संबंधित भूमि का कोई शासनादेश होगा तो उसका भी चिह्नीकरण किया जाएगा। - योगेश मेहरा, उपजिलाधिकारी ऋषिकेश