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अब थर्ड पार्टी के रडार पर होंगे प्रॉपर्टी डीलर

Sun, 13 Aug 2017 01:41 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में बड़ी संख्या में मौजूद प्रॉपर्टी डीलर अब थर्ड पार्टी के रडार में आएंगे। सरकार किसी प्रोफेशनल कंपनी को प्रॉपर्टी डीलरों के सर्वे का काम सौंपने की तैयारी में है।
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रियल एस्टेट एक्ट-2016 में बहुत कम प्रॉपर्टी डीलरों ने ही रजिस्ट्रेशन कराए हैं। हालांकि सभी जिलों में बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों का प्रशासन के स्तर पर सर्वे चल रहा है, लेकिन सरकार को इससे भी असल तस्वीर सामने आने की उम्मीद नहीं है।

ऐसे में थर्ड पार्टी सर्वे के लिए वह कदम आगे बढ़ाने जा रही है। आवास सचिव अमित नेगी ने इसकी पुष्टि की है। दरअसल, रियल एस्टेट एक्ट-2016 में बिल्डर और डेवलपर्स के अलावा प्रॉपर्टी डीलरों के रजिस्ट्रेशन को भी अनिवार्य किया है। मगर प्रॉपर्टी डीलरों ने रजिस्ट्रेशन के प्रति उत्साह नहीं दिखाया है।
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हालांकि 31 जुलाई, 2017 की डेडलाइन सिर्फ चालू प्रोजेक्टों के संबंध में थी। नए प्रोजेक्टों पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। सरकार को ये आशंका है कि बिल्डर और डेवलपर्स तो एक बार के लिए उसकी पकड़ में आ जाएंगे, लेकिन बहुत छोटे स्तर पर बड़ी संख्या में काम करने वाले प्रॉपर्टी डीलरों को पकड़ना चुनौतीपूर्ण होगा। इसलिए उसे प्रोफेशनल कंपनी की आवश्यकता महसूस हुई है।

उत्तराखंड में रियल एस्टेट एक्ट 2016
01 मई 17 से राज्य में लागू है रियल एस्टेट एक्ट
31 जुलाई 2017 को थी रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन
168 डेवलपर्स ने ही कराए हैं अभी तक रजिस्ट्रेशन
40 प्रॉपर्टी डीलरों ने ही कराए प्रदेश में रजिस्ट्रेशन

अभी ढंग से खड़ा होना है रेरा का ढांचा
रियल एस्टेट एक्ट-2016 के तहत हर राज्य को रियल स्टेट एक्ट रेग्युलेटरी अॅथारिटी यानी रेरा का गठन करना है। बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों का रजिस्ट्रेशन इस अथॉरिटी के अधीन ही होगा। रेरा का गठन न होने पर सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था में पहले आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण यानी उडा को रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकृत किया था। बाद में एक्ट की भावना के अनुरूप इसे बदल दिया गया। रजिस्ट्रेशन का काम सचिव आवास के जिम्मे आ गया है और उसके सचिवालय के रूप में उडा काम कर रहा है। रेरा के गठन के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति का गठन किया गया है।

हमें उम्मीद है कि डेवलपर्स का रजिस्ट्रेशन कराने में दिक्कत नहीं होगी। जिनके रजिस्ट्रेशन अभी तक नहीं हुए हैं, वे रजिस्ट्री या फिर अन्य प्रक्रिया के दौरान चिन्हित हो जाएंगे, मगर प्रॉपर्टी डीलरों की बड़ी चुनौती सामने है। क्योंकि उनकी तादाद बहुत ज्यादा है, लेकिन उन्हें चिन्हित करना मुश्किल है। सभी डीएम को सर्वे के लिए कहा है, लेकिन प्रशासन के पास अन्य भी बहुत सारे कार्य होते हैं, इसलिए असल स्थिति मिलना मुश्किल दिखता है। इसलिए थर्ड पार्टी को इस काम में जल्द ही लगाया जाएगा।
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- अमित नेगी, सचिव आवास
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