डेढ़ साल पहले एग्रीकल्चर डेवलेपमेंट ऑफिसर (एडीओ) से पदोन्नत होकर रेंजर बने अधिकारी अब रिवर्ट होंगे। शासन ने उनकी पदोन्नति की प्रक्रिया को अवैध मानते हुए उनके मूल पद (वन रक्षक या वन दरोगा) पर भेजने का फैसला लिया है।
वन विभाग की ओर से सिविल वर्क के लिए ब्लाक में वन रक्षकों और वन दरोगाओं को तैनात किया जाता है। इन्हें एडीओ पदनाम मिला हुआ है। इन कर्मचारियों ने करीब डेढ़ साल पहले प्रमोशन का दावा किया था। इस पर शासन ने 10 एडीओ को रेंजर बना दिया था।
इसका विरोध करते हुए वन क्षेत्राधिकारी संघ का कहना था कि इन कर्मियों का वरिष्ठता सूची में नाम नहीं था फिर भी इन्हें रेंजर बना दिया। यह मामला सोमवार को विधानसभा में वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी उठा। इस पर इन कर्मचारियों को रिवर्ट करने का निर्णय लिया गया। अपर मुख्य सचिव वन डॉ. रणवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में संबंधित कर्मियों रिवर्ट करने के बारे में विचार किया जा रहा है।