उत्तराखंड में अब बैटरी में बिजली सुरक्षित रखने के लिए प्रोजेक्ट लगेंगे, जिन पर केंद्र सरकार से सब्सिडी मिलेगी। सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने इसके लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को पत्र भेजा है। इसमें 500 मेगावाट आवर के आवंटन की मांग की गई है।
प्रदेश में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) लगाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। राज्य सरकार ने तीन बीईएसएस प्रोजेक्ट लगाने की डीपीआर तैयार कर ली है। इनमें से 30 मेगावाट 75 मेगावाट आवर का प्रोजेक्ट ढकरानी, देहरादून सब स्टेशन के पास बनेगा। जबकि दूसरा 15 मेगावाट व 37.5 मेगावाट आवर का प्रोजेक्ट उत्तरकाशी के तिलोथ सब स्टेशन के पास लगेगा।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: मॉक ड्रिल की तैयारी पूरी; आज शाम चार बजे बजेगा एयर रेड सायरन, पांच इलाकों में होगा अभ्यास
तीसरा 37.5 मेगावाट आवर का प्रोजेक्ट खटीमा सब स्टेशन के पास लगाया जाएगा। सचिव ऊर्जा ने राज्य को 500 मेगावाट आवर के प्रोजेक्ट आवंटन की अनुमति मांगी है। इससे वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना के तहत प्रति मेगावाट आवर 18 लाख रुपये की सब्सिडी केंद्र सरकार से मिलेगी।