पर्वतीय क्षेत्रों लगातार बारिश से आसन नदी उफान पर आ गई। नदी में गाद की मात्रा बढ़ने पर आसन बैराज से 26 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। करीब तीन घंटे तक कुल्हाल जल विद्युत गृह में उत्पादन बंद रहा है। शाम पांच बजे से जल विद्युत गृह में फिर से उत्पादन शुरू कर दिया गया। यमुना घाटी की अन्य परियोजनाओं का उत्पादन सुचारु है।
सोमवार को आसन नदी सुबह से उफान पर थी। दोपहर में एक बजे के आसपास आसन नदी में गाद की मात्रा बढ़ गई। गाद की मात्रा को कम करने के लिए आसन बैराज से 26 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस दौरान नहर को बंद कर दिया गया। दोपहर दो बजे से लेकर शाम पांच बजे के बीच कुल्हाल जल विद्युत गृह में उत्पादन बंद रहा। शाम पांच बजे उत्पादन सुचारु हो गया।
यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि कुल्हाल में कुछ देर के लिए उत्पादन प्रभावित हुआ था। यमुना घाटी की अन्य परियोजनाओं और विद्युत गृहों से उत्पादन होता रहा।