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40 लाख APL को राशन देना शासन के लिए चुनौती

Fri, 18 Sep 2015 03:12 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केंद्र सरकार ने 61.94 लाख पात्रों को राशन का कोटा तो जारी कर दिया, लेकिन इसके साथ ही केंद्र से प्रदेश को मिलने वाली खाद्यान्न की सब्सिडी भी बंद हो जाएगी।
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प्रदेश शासन के समक्ष एपीएल कार्ड धारक 40 लाख लोगों के लिए सस्ते दर पर राशन मुहैया कराना मुश्किल हो रहा है। इन लोगों के लिए केंद्र सरकार से एप्लीकेबल इकोनोमिक रेट पर ही राशन मिलेगा। यह रेट बाजार से एक-दो रुपये ही कम होता है। साथ ही विभाग इस माथापच्ची में भी जुट गया है कि कहीं कालाबाजारी करने वाले दूसरे रास्ते भी न निकाल लें।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना प्रदेश में 1 अक्टूूबर से लागू होनी है। इस क्रम में राशन कार्डों के डिजिटलाइजेशन की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार का गेहूं, चावल का कोटा जारी कर दिया है। कुल खाद्यान्न का कोटा 33,454,80 मीट्रिक टन का है।
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इसमें 61.94 लाख लोगों को राशन मिलेगा। उन्हें 2 रुपये किलो गेहूं और 3 रुपए किलो चावल मिलेगा। प्रदेश सरकार अभी 50 लाख लोगों को राशन दे रही है। केंद्र सरकार के कोटे में अंत्योदय और बीपीएल कार्ड धारक तो खप जाएंगे, लेकिन एपीएल के तहत राशन पाने वाले 40 लाख लोग बचेंगे जिन्हें प्रदेश सरकार को राशन मुहैया कराना है।

अभी तक केंद्र सरकार इन कार्ड धारकों को सब्सिडी पर राशन उपलब्ध करवा रही थी जिससे प्रदेश सरकार पर बोझ नहीं पड़ रहा था। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना लागू होने के बाद सब्सिडी बंद हो जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि ऐसे में सरकार के सामने मुसीबत खड़ी हो जाएगी कि कहां से बजट लाकर बिना सब्सिडी का राशन खरीदे। प्रमुख सचिव खाद्य एवं आपूर्ति राधा रतूड़ी का कहना है कि सभी को राशन की व्यवस्था कराई जाएगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में काफी लोग आ जाएंगे।
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