सुद्धोवाला जेल में चौदह साल से अधिक सजा काट चुके सजायाफ्ता कैदी रिहाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। हवालात में पेशी पर आए कुछ बंदियों ने मीडिया कर्मियों के सामने इस बात का खुलासा किया। अभिरक्षा में बंदियों को अदालत लेकर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने भी दबी जुबान में इस बात की पुष्टि की। हालांकि, जेल प्रशासन के अधिकारी इससे साफ इनकार कर रहे हैं।
पंजाब और यूपी की तर्ज पर 14 साल से अधिक सजा काट चुके कैदियों को रिहा करने की मांग उत्तराखंड में भी कई वर्षों से उठ रही है। डेढ़ साल पहले हरिद्वार जेल में भी इसी मांग को लेकर कई दिन हड़ताल चली थी। हाल में ही हरिद्वार जेल में तीन कैदियों के हड़ताल पर होने की बात सामने आई थी। जेल प्रशासन इनमें से दो कैदियों की हड़ताल तुड़वा चुका है। इसी बीच मंगलवार को देहरादून की सुद्धोवाला जेल में भी कैदियों के हड़ताल पर जाने की चर्चाएं रहीं।
सोमवार और मंगलवार को पेशी को सदर हवालात आए बंदियाें ने जेल के अंदर चल रही हड़ताल के बारे में जानकारी दी। उनका कहना था कि करीब 20 बंदी हड़ताल पर हैं। लेकिन, जेल अधीक्षक महेंद्र ग्वाल ने भूख हड़ताल की बात से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जेल में एक भी बंदी भूख हड़ताल पर नहीं है। इधर, जिलाधिकारी सी रविशंकर का कहना है कि जिला कारागार में सजायाफ्ता कैदियों की हड़ताल की बात उनके संज्ञान में नहीं है।