बैरक में हंगामा होने पर दूसरी बैरक में मौजूद बंदी रक्षकों ने मौके पर पहुंचकर महेश सिंह नेगी को छुड़ाया। बंदी रक्षक से हुई मारपीट से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल अधीक्षक अशोक कुमार, जेलर एसएम सिंह ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
बंदी रक्षक ने सिडकुल थाने पहुंचकर चारों कैदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जेलर एसएम सिंह ने बताया कि ललित, गुरुदेव, मंजीत पर हत्या के केस चल रहे हैं और गोविंद को हत्या के आरोप में सजा हो चुकी है।
घटना के बाद हरकत में आए जेल प्रशासन ने कैदियों को अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट कर दिया। कैदियों का गुट तोड़ने की दिशा में यह कदम उठाया गया। जेलर एसएम सिंह की माने तो पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है।