अल्मोड़ा के जिला कारागार में सजायाफ्ता कैदियों ने बंदी रक्षक को मारपीट कर घायल कर दिया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
नाराज जेल कर्मी घायल बंदी रक्षक को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल के पास पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बंदी रक्षक को जेल अधीक्षक की शह पर पीटा गया है। डीएम ने उप जिलाधिकारी रिंकू बिष्ट को मामले की जांच सौंप दी है। इस बाबत जब जेल अधीक्षक का पक्ष लेने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
सोमवार को करीब चार बजे काफी संख्या में जेल कर्मी डीएम कार्यालय आ धमके। उन्होंने आरोप लगाया कि आजीवन सजा काट रहे तीन कैदियों बालम सिंह, दरबान सिंह और सुंदर रौतेला ने जेल अधीक्षक अशोक कुमार की शह पर बंदी रक्षक हेमंत सिरोही की बुरी तरह पिटाई कर दी।
जेल कर्मियों ने जेल अधीक्षक पर जेल कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने और बंदियों से मुलाकात, रिहाई आदि पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि जेल अधीक्षक कई कैदियों से रुपये लेकर उन्हें अवैध रूप से जेल के अस्पताल में रखते हैं।
यह भी आरोप लगाया कि आजीवन कारावास की सजा काट रहे तीनों कैदियों को 2006 में सितारगंज जेल शिफ्ट करने के आदेश हुए थे, लेकिन अधीक्षक उन्हें जानबूझकर सितारगंज नहीं भेज रहे हैं। कैदियों से कार्यालय के अभिलेखों आदि का काम करवाया जा रहा है, जबकि जेल मैनुअल के मुताबिक किसी भी कैदी से अभिलेख संबंधी काम नहीं कराया जा सकता है।
उन्होंने जेल अधीक्षक पर कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने और नियम विरुद्ध कनिष्ठ कर्मियों को चार्ज देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने जिलाधिकारी को भी इन कथित अनियतितताओं के बारे में बताया। डीएम ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद कर्मचारी लौट गए। डीएम के निर्देश पर घायल बंदी रक्षक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि मामला जेल की आंतरिक व्यवस्था से जुड़ा है। उप जिलाधिकारी रिंकू बिष्ट को जांच सौंप कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।