आपने स्कूली बच्चों के बाल बड़े होने पर प्रधानाचार्य या फिर शिक्षक द्वारा सजा दिए जाने की बात तो सुनी होगी, लेकिन शहर एक नामीगिरामी स्कूल के प्रधानाचार्य ने तो एक छात्र को बाल बेहद छोटे कटवाने की वजह से सजा दे दी। इसके बाद अब वह खुद ही मुसीबत में पड़ गएए हैं।
छात्र के परिजनों ने बाल संरक्षण आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
सूत्रों के मुताबिक शहर के एक नामीगिरामी स्कूल के प्रधानाचार्य ने 10वीं के एक छात्र को प्रार्थना सभा के बाद स्टेज पर बुलाया और इस बात के लिए सजा दी कि तुम्हारे बाल छोटे क्यों हैं? इतना ही नहीं छात्र को काफी देर तक क्लास के बाहर खड़ा रखा गया।
पीड़ित छात्र ने आपबीती माता पिता को सुनाई तो वे हतप्रभ रह गए। आखिरकार परिजनों ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए इसकी शिकायत बाल संरक्षण आयोग को दर्ज कराई। आयोग ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब मांगा।
इस संबंध में जब बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष योगेंद्र खंडूड़ी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज कराई गई है और प्रधानाचार्य को नोटिस जारी किया गया है जिसमें उन्हें सात दिन के भीतर जबाब देना होगा।