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स्कूल ने नहीं भेजा तो अपने दम पर जीतकर लाई गोल्ड मेडल, प्रिंसिपल ने स्कूल से काट दिया नाम

Wed, 20 Sep 2017 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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मसूरी के सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कालेज की ओर से टीम में सेलेक्ट न करने से आहत छात्रा ने जब व्यक्तिगत स्तर पर जिला एथलेटिक्स मीट में हिस्सा लिया और दो गोल्ड व एक ब्रांज मेडल जीत लिया तो कालेज प्रिंसिपल ने उत्साह बढ़ाने के बजाए छात्रा का नाम काटने का फरमान जारी कर दिया।
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आहत अभिभावक कालेज पहुंचे तो प्रिंसिपल ने इसे अनुशासनहीनता बताया। हालांकि प्रिंसिपल का कहना है कि अनफिट होने की वजह से छात्रा का चयन टीम में नहीं हो पाया था।
कालेज की 12वीं की छात्रा रवीना कई साल से बेहतर खेल रही है। रवीना की मां चंद्रकला देवी ने बताया कि गत वर्ष भी उनकी बेटी ने मेडल जीते थे।

इस साल भी उसका चयन सर्वे मैदान में हुए ट्रायल से टीम में हो गया था लेकिन प्रिंसिपल ने उनकी बेटी को नहीं भेजा। उन्होंने बताया कि बेटी ने जब उन्हें यह बात बताई तो उन्होंने उसके भाई के साथ बेटी को सीधे देहरादून में एथलेटिक्स मीट में शामिल होने को भेज दिया।
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बेटी का पुराना रिकॉर्ड देखते हुए उसे प्रतियोगिता में शामिल कर लिया गया। रवीना ने प्रतियोगिता में दो गोल्ड मेडल और एक ब्रांज मेडल जीता। मेडल जीतकर रवीना कालेज पहुंचती, इससे पहले ही प्रिंसिपल डा. रश्मि कुलश्रेष्ठ ने अभिभावकों के पास अनुशासनहीनता के नाम पर बच्ची का नाम काटने का पत्र भेज दिया।
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हड़बड़ाए अभिभावक मंगलवार को कालेज पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य को बताया रवीना ने दो गोल्ड मेडल जीते हैं लेकिन प्रिंसिपल ने उनकी एक न सुनी। रवीना ने बताया कि उसने जिला एथलेटिक्स मीट में रिले रेस में गोल्ड मेडल, चार गुना 400 रेस में गोल्ड मेडल और 400 मीटर रेस में ब्रांज मेडल जीता है।

इससे पहले रवीना भाऊवाला में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिता में रिले रेस में गोल्ड मेडल जीत चुकी है। उन्हें पुराने खेल रिकॉर्ड को देखते हुए खेल विभाग ने प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका दिया था। रवीना की मां चंद्रकला का आरोप है कि प्रिंसिपल ने न केवल रवीना बल्कि दो अन्य बच्चों को भी कालेज से बाहर कर दिया है। खेल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रवीना अच्छी खिलाड़ी है।

उसके पुराने रिकॉर्ड के तहत उसे खेल में विशेष एंट्री दी गई थी। रवीना की खेल शिक्षिका कविता नेगी ने भी प्राचार्य पर भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रवीना का चयन ट्रायल में हो गया था लेकिन प्रिंसिपल ने जानबूझकर उसका नाम हटाया है। उधर, मामले में कालेज की प्रिंसिपल डा. रश्मि कुलश्रेष्ठ का कहना है कि यह दोनों छात्राएं प्रतियोगिता में जाने के लिए अनफिट थी।

इसलिए उनका चयन नहीं हो पाया था। छात्राएं अपने स्तर से प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंची थी, इसलिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि किसी भी छात्रा का नाम कॉलेज से नहीं काटा गया है। केवल अभिभावकों को चेतावनी पत्र के साथ वार्ता के लिए बुलाया गया था। कॉलेज के प्रबंधक शरद गुप्ता ने बताया कि छात्राएं बिना प्रिंसिपल की अनुमति वहां गई थी। प्रिंसिपल ने अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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