वन अनुसंधान संस्थान विश्वविद्यालय ने बृहस्पतिवार को प्रिंस चार्ल्स को ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ की मानद उपाधि से नवाजा। कुलपति पीपी भोजवैद्य ने उन्हें यह उपाधि प्रदान की। इसके बाद चार्ल्स ने संस्थान के संग्रहालय का भ्रमण करके लकड़ी से बनी वस्तुओं को देखा।
कहा मानव और प्रकृति के बीच संतुलन खत्म
वन अनुसंधान संस्थान ने सात नवंबर को अपना 84वां स्थापना दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में प्रिंस चार्ल्स मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संग्रहालय में उन्होंने 704 वर्ष पुराने देवदार के पेड़ की लकड़ी देखी।
प्रिंस चार्ल्स ने कहा कि विश्व में पर्यावरण संरक्षण की चुनौती महसूस की जा रही है। मानव और प्रकृति के बीच संतुलन खत्म हो रहा है। प्रिंस ने वन अनुसंधान संस्थान के अधिकारियों, छात्रों और शोध करने वाले छात्रों से भी विचार विमर्श किया।
इस अवसर पर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद्, वन अनुसंधान संस्थान, उत्तराखंड वन विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, भारतीय वन्य जीव संस्थान, भारतीय वन सर्वेक्षण एवं केन्द्रीय राज्य वन अकादमी के अधिकारी, वैज्ञानिक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।