मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को बग्वालीपोखर के बग्वाल मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एक माह के भीतर पुरोहितों और मंगलगीत गाने वाली महिलाओं को भी पेंशन दी जाएगी। 65 साल के बुजर्गो को 500 रुपए पेंशन अतिरिक्त दी जाएगी।
विंता में नर्सिंग कॉलेज और एएनएम कॉलेज खोलने की प्रशासनिक स्वीकृति दी सीएम ने इस मौके पर दी। विंता में जलाशय बनाने, बग्वालीपोखर के मेला स्थल को भव्य रूप देने तथा भतौरा में संचालित आईटीआई का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शेर सिंह गांधी के नाम से करने की घोषणा भी उन्होंने की।
सीएम ने कहा कि बग्वाल मेले को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा देने के लिए देहरादून में बनाई गई कमेटी को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि मेले संस्कृति के अनुरूप होने चाहिए तभी इनका महत्व बढ़ेगा। कलाकारों, शिल्पकारों सहित कई वर्ग के लोगों के लिए पेंशन योजनाएं चलाई जा रही हैं।
सीएम ने कहा कि जो महिलाएं पारंपरिक खेती के अलावा सब्जी उत्पादन करेंगी, उन्हें मनरेगा कार्यकर्त्री के रूप में प्रोत्साहित किया जाएगा। सामूहिक खेती करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जो चकबंदी की परिकल्पना को साकार करेगा। इससे पूर्व भंडरगांव से पहुंचे दो जोड़ी नगाड़े निशानों के साथ ओड़ा भेंटने की रस्म अदा की गई।