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बोलेरो के उड़े परखच्चे, दर्दनाक हादसे में दंपति समेत छह की मौत

Tue, 01 Nov 2016 11:23 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नाचनी (पिथौरागढ़)
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बोलेरो खाई में जा गिरी। - फोटो : AmarUjala
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पिथौरागढ़ में बांसबगड़-सेलमाली-कोटा मार्ग पर मंगलवार दोपहर बाद 2.30 बजे एक बोलेरो जीप 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इससे चालक और दंपति समेत वाहन में सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
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घटना का मुख्य कारण सड़क का खराब होना बताया गया है। ये सभी लोग सेलमाली से लौट रहे थे। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि जीप के परखचे उड़ गए। शवों को खाई से निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।

दुर्घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग खाई में उतरे, लेकिन तब तक सभी लोगों की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर नाचनी और थल थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। डीएम रंजीत सिन्हा ने शवों का पोस्टमार्टम बुधवार को बांसबगड़ में कराने के लिए डॉक्टरों की टीम भेजने का आदेश दे दिया है।
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यहां पढ़ें मृतकों की जानकारी

मृतकों को ऐसे खाई से बाहर लाया गया। - फोटो : AmarUjala
मंगलवार दोपहर बाद जैसे ही जीप यात्रियों को लेकर सेलमाली से कोटा के लिए रवाना हुई तो करीब तीन किलोमीटर आगे रतुवाबगड़ के पास मोड़ पर चालक वाहन से संतुलन खो बैठा और जीप 500 मीटर खाई में गिर गई।

दुर्घटना में मलौन निवासी सुंदर सिंह (50) पुत्र नारायण सिंह, चालक जगत सिंह (36) पुत्र विजय सिंह, बहादुर सिंह (23) पुत्र जगत सिंह, माणीधामी निवासी मोहन सिंह (42) पुत्र विजय सिंह, उनकी पत्नी यशोदा देवी (35) और लोद निवासी बहादुर राम (50) पुत्र दीवानी राम की मौत हो गई। हादसे की जानकारी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोहर सिंह ने पुलिस और प्रशासन को दी। इसके बाद गांव के लोग तत्काल राहत और बचाव के लिए खाई में उतर गए। जीप में चालक समेत छह लोग ही सवार थे।

भाईदूज पर भाई को मिलने जा रही थी यशोदा 

दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो - फोटो : AmarUjala
नाचनी के थाना प्रभारी सुनील बिष्ट, थल के थाना प्रभारी केसी आर्या के नेतृत्व में गई पुलिस टीम और 108 आपात वाहन की टीम ने खाई से शवों को बाहर निकाला। देर शाम तक शवों को निकालने का काम जारी रहा। सभी शव बांसबगड़ में रखे जाएंगे। वहीं पर इनका पोस्टमार्टम होगा। 

नाचनी। हादसे का शिकार हुई माणीधामी निवासी यशोदा देवी पति मोहन सिंह के साथ कोटा गांव में रहने वाले अपने भाई को भैयादूज का टीका लगाने जा रही थी। इस हादसे से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है। यशोदा देवी लंबे समय से अपने मायके नहीं जा पाई थी। उसने सोचा कि वह भाई को टीका लगाने के बाद रात मायके में ही रहेगी लेकिन यह हादसा हो गया।
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दो साल पहले शुरू हुई थी सड़क

Accident
सेलमाली से कोटा तक की यह सड़क पीएमजीएसवाई के तहत बनी है। इसमें अभी निर्माण का काम चल रहा है, लेकिन लोगों ने अपनी सुविधा के लिए दो साल से इस रोड पर वाहनों का संचालन शुरू करवा दिया था। रोड पर कई जगह खतरनाक मोड़ हैं और सड़क कई जगह बेहद संकरी भी है। यातायात शुरू होने के बाद इस रोड पर पहली बार हादसा हुआ है।

मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
डीएम डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एसडीएम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दुर्घटना के बारे में कोई भी व्यक्ति लिखित या मौखिक बयान दे सकता है।

सभी मृतक गरीब परिवारों के थे
जीप दुर्घटना में मारे गए सभी लोग खेतीबाड़ी और पशुपालन कर आजीविका चलाते थे। दुर्घटना के बाद मलौन, माणीधामी और लोद गांव में शोक छाया है।
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