उत्तराखंड में राष्ट्रपति चुनाव के लिए सोमवार को हुए मतदान के बाद जो रुझान सामने आए हैं, वह पूरी तरह से एनडीए के पक्ष में नजर आ रहे हैं।
यह प्रचंड बहुमत की सरकार और उसे मिले निर्दलीय विधायकों के खुले समर्थन का ही असर रहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ कहा कि चुनाव अब औपचारिकता है और वह रामनाथ कोविंद जी को राष्ट्रपति बनने की अग्रिम बधाई देते हैं।
दरअसल, 70 सदस्यों वाली उत्तराखंड विधानसभा में 57 विधायक भाजपा के हैं। उसकी तुलना में कांग्रेस का संख्या बल (11) बेहद कमजोर है। मजबूत संख्या बल होने के साथ दो निर्दलीय विधायकों ने भी भाजपा का साथ दिया।
उत्तराखंड में एक विधायक के वोट की वैल्यू 64 वोट की है। इस हिसाब भाजपा के अपने सदस्यों की वैल्यू 3648 वोटों की है। इसमें दो निर्दलीय विधायकों की वोट वैल्यू जुड़ जाने के बाद 128 वोटों का और इजाफा हो जाता है।
पार्टी के समस्त विधायकों और निर्दलीयों ने मतदान के बाद खुलकर एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने का ऐलान किया। दूसरी ओर संयुक्त विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार के समर्थन में कांग्रेस के 11 सदस्यों की वोट वैल्यू महज 704 वोट की है।
यानी चुनाव में प्रदेश से कोविंद के पक्ष में करीब 84 फीसदी वोट जाने तय माने जा रहे हैं। कोविंद की जीत का दावा करते हुए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, आंकड़े कोविंद के पक्ष में है। वह राष्ट्रपति बनेंगे और देश को विश्व गुरू के रास्ते पर ले जाएंगे।