उन्होंने बताया कि दो दिन तक चलने वाले ज्ञानकुंभ में कुल सात सत्र रखे गए हैं, जिनमें उद्घाटन, समापन सत्र के अलावा पांच तकनीकी सत्र होंगे। इन सभी सत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता, देश में उच्च शिक्षा के भावी स्वरूप और अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी। एक सत्र में योग गुरु स्वामी रामदेव देश की वैदिक संस्कृति के बारे में विचार रखेंगे। एक सत्र सांस्कृतिक कार्यक्रम का रहेगा। सभी शिक्षाविदों को गंगा आरती में शामिल करवाने का कार्यक्रम भी है।
डा. रावत ने बताया कि एक साथ इतने शिक्षाविद् शिक्षा के बारे में मंथन करेंगे, तब इस ज्ञान कुंभ से निकलने वाले अमृत से देश की उच्च शिक्षा का कायाकल्प होना स्वाभाविक है। राष्ट्रीय स्तर के सुझावों को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा जबकि राज्य स्तर पर जिन सुझाव का सदुपयोग प्रदेश स्तर की शिक्षा प्रणाली को सुधारने में किया जा सकेगा, उन्हें यहां अमल में लाया जाएगा। योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह ज्ञानकुंभ अपने आप में अनूठा आयोजन है।
देश की शिक्षा प्रणाली पर इस समय मैकाले की शिक्षा पद्धति की छाप है, जिसमें शिक्षा का स्वरूप पूरी तरह बाजारीकरण की तरह कर दिया गया है। शिक्षा में मूल्यों की स्थापना होना बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ज्ञानकुंभ देश की वैदिक शिक्षा की स्थापना में महत्वपूर्ण प्रयास साबित होगा।
एम्स संस्थान का पहला दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित किया जा रहा है। समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्यातिथि होंगे। दीक्षांत समारोह में एमबीबीएस वर्ष 2012 प्रथम बैच के 44 छात्र-छात्राओं जबकि नर्सिंग के 2013 बैच के 58 और 2014 बैच की 59 छात्राओं को डिग्री प्रदान की जाएगी। इनमें से आठ गोल्ड मेडलिस्ट को राष्ट्रपति के हाथों डिग्री प्रदान की जाएगी। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि राष्ट्रपति करीब साढ़े 12 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक संस्थान में ही रहेंगे।
दीक्षांत समारोह की अवधि एक घंटे की होगी। इस दौरान निदेशक संस्थान की प्रगति रिपोर्ट और भावी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। कुछ घंटों के लिए एम्स निदेशक का कार्यालय राष्ट्रपति के लिए समर्पित कर दिया गया है। राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने वाले छात्र छात्राओं की शुक्रवार को रिहर्सल कराई गई। प्रो. रविकांत ने बताया कि दीक्षांत समारोह में एम्स दिल्ली के पैटर्न को फालो किया जाएगा। निदेशक कार्यालय में राष्ट्रपति के लिए हॉटलाइन की व्यवस्था भी की गई है। इस मौके पर डीन सीएसआर व एडिशनल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेंद्र सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के शामिल होने से संस्थान एक श्रेणी और परिपक्व होगा।