वहीं, चार वार्डों में बेहतर स्थिति वाले चार निर्दलीयों को समर्थन दिया है। इसी तरह वार्ड नंबर नौ से महिला मोर्चा की पदाधिकारी मलकीत कौर भी निर्दलीय मैदान में उतरी हैं। साथ ही वार्ड नौ से अनुसूचित मोर्चा के पदाधिकारी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं।
यही नहीं कुछ असंतुष्ट खुलेआम पार्टी से बगावत करने वालों के साथ नजर आ रहे हैं। इन लोगों ने मेयर प्रत्याशी के प्रचार से दूरी भी बना रखी है। छह वार्डों में प्रत्याशी नहीं होने से भाजपा पहले ही मैदान से बाहर हो चुकी है और अब कई वार्डों में पार्टी के बागियों से ही अधिकृत प्रत्याशियों को जूझना पड़ रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि बगावती तेवर अपनाए नेताओं ने पार्टी का साथ भी नहीं छोड़ा है।
टिकट नहीं मिलने से नाराज कुछ लोगों को मना लिया गया है। अन्य असंतुष्टों से लगातार बातचीत जारी है। पार्टी लाइन से बाहर जाकर काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों को चिह्नित भी किया जा रहा है। एक-दो दिन के भीतर प्रदेश नेतृत्व से अनुमति के बाद ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
- शिव अरोरा, जिलाध्यक्ष, भाजपा
गरीब बस्ती आजाद मोर्चा सात वार्डों में प्रत्याशी लड़ा रहा है और चार वार्डों में निर्दलियों को समर्थन दिया है। जिन लोगों ने वर्षों से पार्टी की सेवा की, उनका टिकट काटा गया। इन लोगों का सम्मान करते हुए मोर्चा से चुनाव लड़ाया गया है। मैंने भाजपा नहीं छोड़ी और न छोड़ूंगा। पार्टी के नुकसान की चिंता जिलाध्यक्ष को करनी चाहिए।
- दिलीप अधिकारी, संयोजक, गरीब बस्ती आजाद मोर्चा