पर्यावरणविद् एवं पद्मश्री डा. अनिल जोशी को विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से बायो टेक्नोलॉजी सोशल डवलपमेंट अवार्ड -2016 प्रदान किया गया।
उनकी संस्था हेस्को को देशभर में अकेले इस अवार्ड के लिए चुना गया हैं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बृहस्पतिवार को विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें पुरस्कृत किया।
पद्मश्री डा. अनिल प्रकाश जोशी हिमालयी क्षेत्र में जैव विविधता पर लंबे समय से काम कर रहे हैं। वे उत्तराखंड के गांव-गांव जाकर पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा रहे हैं। इसके अलावा देशभर में अनेक स्थानों पर लोगों को जागरूक करने का काम किया।
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उन्होंने पारंपरिक फसलों को बचाने के लिए ग्रामीणों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने एवं गोबर गैस के प्रति लोगों को जागरूक कर लकड़ी पर निर्भरता को कम करने का काम किया।
जोशी ने प्रदेश में वर्ष 2013 में आई आपदा के बाद चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी सहित कई जनपदों में पुनर्वास का काम किया और फल प्रसंस्करण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक कर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार किया।
जोशी को विज्ञान भवन में प्रशस्ति पत्र के साथ ही पुरस्कार के पांच लाख रुपये प्रदान किए गए। समारोह में हेस्को से जुड़े वैज्ञानिक डा. राकेश कुमार को भी सम्मानित किया गया।