योग से स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत बड़ी क्रांति आई- राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय में स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग और आयुर्वेद को पूरी दुनिया में फैलाया, स्वदेशी के अभियान में अभूतपूर्व योगदान दिया। पूरे ब्रह्मांड के कल्याण के लिए हमारे ऋषियों ने योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने समूचे विश्व में योग को एक मुकाम दिया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत बड़ी क्रांति आई है। मेरा मानना है कि भारत की पुरातन संस्कृति का पुनरुथान होगा। मुझे यह देखकर प्रसन्नता होती है कि युवा योग, आध्यात्म आयुर्वेद और प्राचीन विधाओं को पढ़ने के लिए तत्पर हैं। यह हमारे ब्रांड एंबेसडर हैं। यह एक पूर्ण चिकित्सा विज्ञान है। आपकी शिक्षा तभी सार्थक होगी जब उसका लाभ आमजन तक पहुंचेगा। भारतीय की प्राचीन परंपरा आज भी सबसे ज्यादा प्रासंगिक है। आने वाले समय में यही विद्यार्थी विकसित भारत में अपना अमूल्य योगदान देंगे ऐसा मुझे विश्वास है। इस आयोजन में राष्ट्रपति महोदय की उपस्थिति में गरिमामयी और उर्जवान अनुभूति हुई है।
1424 विद्यार्थियों को डिग्रियां मिली
पतंजलि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 54 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक, 62 शोधार्थियों को पीएचडी, तीन को डीलिट की उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा 744 स्नातक और 615 परास्नातक विद्यार्थियों सहित कुल 1424 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई।