राष्ट्रपति के चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस की उम्मीदवार मीरा कुमार विधायकों से समर्थन मांगने के लिए देहरादून पहुंची। सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर वह जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची।
एयरपोर्ट पर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के साथ कांग्रेस के अन्य नेताओं ने मीरा कुमार का स्वागत किया। देहरादून पहुंचकर मीरा कुमार ने कहा कि अंतर आत्मा की आवाज पर उन्हें वोट मिलेंगे। उन्होंने सभी वोटरों को पत्र लिखा। कहा कि विचारधारा की इस लड़ाई में गरीबों की जीत होगी। जाति के आधार पर प्रत्याशी चयन करना गलत है।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा मीरा कुमार हर ने चुनौति को स्वीकार किया है। वह बहादुर बाप की बेटी हैं। नेता प्रतिपक्ष इंद्रा हृदयेश ने कहा कि अंतर आत्मा की आवाज़ से बड़े परिवर्तन हुए हैं।
इसके साथ ही मीरा कुमार ने उत्तराखंड के लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बहुत सुंदर प्रदेश है। यहां के लोग बहुत सरल हैं।
तीन सालों में भाजपा की सरकार के दौरान देश को बांटने का काम किया गया है। हम ये चुनाव सिद्धांतों पर लड़ रहे हैं। चारों तरफ नफरत को बढ़ाया जा रहा है। देश के मज़लूम हमारी तरफ देख रहे हैं। ये चुनाव विचार धारा की लड़ाई है।
उन्हें समर्थन देने वाले सिर्फ कांग्रेस विधायक ही होंगे। ये सभी विधायक दिल्ली जाकर उनके प्रस्ताव बन चुके हैं। इसलिए उनके साथ होने को लेकर कोई शंका नहीं है। 11 के कमजोर संख्या बल के बावजूद उसके पास सत्ता पक्ष पर राजनीतिक बढ़त बनाने का मौका था। मगर वह ऐसा करने में चूक गई। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह ने यह कहकर प्रदेश कांग्रेस की उदासीनता की पोल खोली की कि भाजपा ने उनसे पहले समर्थन मांगा, इसलिए वे उसके साथ चले गए।
यानी यदि कांग्रेस पहले संपर्क करती तो शायद वे मीरा कुमार के समर्थन में होते। बहरहाल, मीरा कुमार बृहस्पतिवार को देहरादून पहुंचकर कांग्रेस विधायकों से मुलाकात करेंगी। विधायक मंडल दल की बैठक होगी। इस दौरान वह पत्रकारों से मुखातिब होंगी और राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की राजनीतिक वजह सामने रखेंगी।