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धर्मनगरी हरिद्वार में केवल एक ही 'योग्य' शिक्षक

Fri, 29 Nov 2013 09:30 AM IST
दीपक मिश्रा /अमर उजाला, रुड़की
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किसी भी प्रतियोगिता में सफल होने के लिए उसमे हिस्सा लेना बेहद जरूरी होता है। लेकिन उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार के शिक्षक अपने आप को साबित करने के मौके से बचना चाह रहे हैं।
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दरअसल, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड देहरादून की ओर से 15 नवंबर को समाचार पत्रों में विज्ञप्ति जारी कर ‘राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार-2013’ के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए 25 नवंबर को अंतिम तिथि रखी गई थी।

एक ही शिक्षक ने आवेदन किया
जनपद में हजारों की संख्या में शिक्षक हैं। लेकिन राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार-2013 के लिए एक ही शिक्षक ने आवेदन किया है। इसलिए यह कहना मुश्किल है कि हरिद्वार की झोली में इस बार राष्ट्रपति अवार्ड आ पाएगा।
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जिले के शिक्षकों में राष्ट्रपति आवार्ड पाने के लिए जनपद के शिक्षकों में कोई उत्साह नजर नहीं आता है। जनपद में माध्यमिक, जूनियर और प्राथमिक विद्यालयों में पांच हजार से अधिक शिक्षक तैनात हैं। शिक्षकों की इतनी बड़ी संख्या में से मुख्य शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में अभी तक मात्र एक ही शिक्षक के आवेदन पहुंचने से विभाग भी हैरान है।

शिक्षा अधिकारी भी इस बात को लेकर हैरान हैं। पूरे जिले से आवेदन करने वाला शिक्षक ब्लॉक रुड़की से है। हालांकि अधिकारियों को उम्मीद है कि शायद कुछ आवेदन और आ जाएं। हालांकि आवेदन की अंतिम तिथि बीते हुए भी तीन दिन हो चुके हैं।

उत्कृष्ट कार्य करने पर मिलता है आवार्ड
राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार अथवा राष्ट्रपति अवार्ड ऐसे शिक्षकों को दिया जाता है, जिसके द्वारा विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया हो। फार्म के निर्धारित प्रारूप पर प्रस्ताव साथी शिक्षक, प्रधानाचार्यों, शिक्षा अधिकारियों एवं समुदाय के माध्यम उसे प्रमाणित किया जाता है।
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