राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के दून आगमन पर नगर के लोग करीब पांच घंटे नजरबंद स्थिति में रहे। बाजार घंटों बंद रहने से व्यापारियों में खासा आक्रोश झलका। ट्रैफिक बंद होने से स्कूली बच्चे की वाहनों में कैद होकर रह गए।
कर्फ्यू जैसा माहौल
राष्ट्रपति के दून दौरे को लेकर नगर क्षेत्र में कर्फ्यू जैसा माहौल रहा। सोमवार को पुलिस प्रशासन के बाजार बंद रखने के फरमान ने नगरवासियों को सकते में डाल दिया।
डोईवाला से लेकर जौलीग्रांट तक के बाजार बंद करा दिए गए। ऐसे में खरीददारी करने आए दूर दराज के लोग फंस गए। वीआईपी मूवमेंट के कारण सबसे अधिक स्कूली बच्चे प्रभावित हुए।
यातायात बंद
यातायात बंद करने से बच्चे बसों में ही कैद होकर रह गए। आलम यह रहा की दून-ऋषिकेश मार्ग पर परिंदा भी पर नहीं मार सका। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस ने आवाजाही बिल्कुल ठप रखी।
व्यापारियों को आर्थिक क्षति
बाजारों के बंद होने से व्यापारियों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। यह पहला अवसर रहा, जब किसी वीआईपी के आगमन को लेकर जनसुविधाए बाधित करने से समाज के सभी तबके प्रभावित रहे।
बाजार बंद कराने का निर्णय व्यापारी हित में नहीं था। बाजार को घंटों बंद कराने और जाम से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रशासन को चाहिए की भविष्य में पहले से ही व्यवस्थाओं को बनाकर रखा जाए और लोगों के हितों का ध्यान रखा जाए।
-रमेश वासन, अध्यक्ष व्यापार मंडल, डोईवाला
प्रशासन का रवैया जनता के प्रति अच्छा नहीं रहा। अचानक बाजार बंद कराना अव्यवहारिक है। दूर दराज के सैकड़ों लोगों को बाजारों से निराश होकर लौटना पड़ा और यातायात बंद रहने से दिक्कतें उठानी पड़ीं।
-धर्मपाल गोयल, व्यापारी
बेहतर होता कि प्रशासन बाजार और यातायात बंद कराने की बजाए पर्याप्त फोर्स लगाकर व्यवस्था बनाए रखता। क्षेत्र के लोगों ने सदैव देश के विशिष्ठ लोगों के आगमन पर अभिवादन किया है। राष्ट्रपति के आगमन पर यातायात ठप रखना औचित्यहीन है।
-प्रेमचंद्र अग्रवाल, ऋषिकेश विधायक
रिहर्सल के दौरान कमी मिलने पर जिलाधिकारी के आदेश से यह व्यवस्था की गई। राष्ट्रपति की सुरक्षा के व्यापक प्रबंध में शामिल होने के कारण सड़क मार्ग के बाजारों को बंद कराया गया।
-कमलेश नंबूरी, कोतवाल