देहरादून। कार्बेट टाइगर रिजर्व से पांच बाघ-बाघिन को राजाजी टाइगर रिजर्व में लाया जाना है, जिसकी तैयारी राजाजी में चल रही है। यह बाघ-बाघिन राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे नरेंद्र नगर, देहरादून वन प्रभागों से लेकर यूपी के शिवालिक वन प्रभाग में भी मूवमेंट कर सकते हैं। इसके मद्देनजर राजाजी टाइगर रिजर्व संबंधित वन प्रभागों के कर्मचारियों को भी बाघ के व्यवहार से लेकर उनके मूवमेंट करने के तरीकों की जानकारी देने के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम करेगा।
राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी हिस्से में कार्बेट टाइगर रिजर्व से बाघों को लाने की शुरुआत नौ साल पहले शुरू हुई थी। इसी के तहत वर्ष-2025 में राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघ को ट्रांसलोकेट किया गया था। यह बाघ बाद में नरेंद्र नगर वन प्रभाग के जंगलों में पहुंच गया था। इसके बाद कई दिनों तक बाघ को ट्रैक करने के लिए टीमें जुटी रही।
अगले महीने दिया जाएगा प्रशिक्षण
राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोको रोसे बताते हैं कि पांच बाघ-बाघिन लाने का प्रस्ताव एनटीसीए को गया है। साथ ही वन्यजीवों के ट्रांसलोकेशन से जुड़ी तैयारी की जा रही है। इसी के तहत राजाजी टाइगर रिजर्व के वन कर्मियों का भारतीय वन्यजीव संस्थान में प्रशिक्षण हो चुका है। यहां पर आने वाले बाघ-बाघिन दूसरे वन प्रभागों में पहुंचने की संभावना रहेगी। ऐसे में देहरादून, हरिद्वार, नरेंद्र नगर के अलावा यूपी के शिवालिक वन प्रभाग के कर्मचारियों को भी बाघों के व्यवहार से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा उनके मूवमेंट का पता करना, कैमरा ट्रैप लगाने के बारे में विशेषज्ञ बताएंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अगले महीने दिया जाएगा।