इन संसाधनों को बढ़ाने की योजना
आपदा प्रबंधन विभाग में 1480 करोड़ से अधिक की विश्व बैंक की यू प्रिपेयर योजना के तहत काम चल रहा है। प्रोजेक्ट की समय सीमा पांच साल के लिए है। विभाग की योजना है कि संबंधित योजना में कंटिजेंसी इमरजेंसी रिस्पांस कंपोनेंट (सीईआरसी) के तहत 500 करोड़ का प्रोजेक्ट केंद्र सरकार के माध्यम से भेजा जाएगा। हाल में शासन स्तर पर बैठक में इस पर चर्चा भी हुई थी। साथ ही प्रोजेक्ट तैयार करने का काम चल रहा है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन कहते हैं कि आपदा प्रबंधन के जिला स्तर पर कंट्रोल रूम हैं, उनको और सुदृढ़ करना, तहसील स्तर पर भी कंट्रोल रूम की स्थापना, रेस्क्यू व्हीकल खरीदने की योजना है। इसके साथ ही डिजास्टर से बचने के लिए शेल्टर बनाने से लेकर प्री फैब्रिकेटेड स्कूलों का निर्माण की योजना है।
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आपदा से निपटने के लिए रिस्पांस टाइम
राज्य में आपदा की स्थिति में रिस्पांस टाइम महत्वपूर्ण होता है। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस पर फोकस किया गया है। पहले किसी घटना होने पर रिस्पांस टाइम 22 मिनट था, जो अब घटकर करीब 12 मिनट हो गया है। इसे और कम करने को लेकर भी प्रयास चल रहा है।