जांच में पता चला कि पंकज ने 12 लाख रुपये में सुपारी ली और इस वारदात को अंजाम देने के लिए अपने भाई राजीव उर्फ राजू को भी साथ ले लिया। राजीव ने 1997 में अपने सौतेले बाप की हत्या की थी। इस मामले में वह जेल भी जा चुका था। चार-पांच साल जेल में रहने के बाद बाहर आ गया था।
पुलिस जांच में पता चला है कि अर्जुन की मां बीना ने उसकी रेकी की थी। उसने अमरदीप गैस एजेंसी के मैनेजर से अर्जुन की दिनचर्या, उसके आने-जाने के समय और ठिकानों की जानकारी जुटाई थी।कई दिनों तक चली तैयारी पुख्ता करने के बाद हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया है कि घटना से पूर्व और घटना के बाद आरोपी पंकज राणा ने विनोद उनियाल से व्हट्सअप के माध्यम से संपर्क किया था।