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प्रदेश के 26 थानों में इंस्पेक्टर राज कायम करने की तैयारी

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देहरादून। प्रदेश के 26 और थानों में इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को नियुक्त करने की तैयारी की जा रही है। यह बदलाव 10 जिलों के प्रमुख थानों में किया जाना है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय की ओर से पिछले दिनों शासन को प्रस्ताव भेजा है। बताया जा रहा है कि इस पर मुख्यमंत्री ने भी गृह सचिव को तत्काल कार्रवाई करने के लिए निर्देशित कर दिया है। ऐसा हुआ तो प्रदेश में आधे थाने इंस्पेक्टर यानी एसएचओ वाले हो जाएंगे और आधे एसओ वाले रह जाएंगे।
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वर्तमान में कुल 160 थाने हैं। इनमें से 54 थाने ऐसे हैं जहां पर इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी प्रभारी होते हैं, यानी इन थानों को कोतवाली कहा जाता है और यहां के मुखिया को कोतवाल (एसएचओ) कहा जाता है। जबकि 106 थानों में दरोगा स्तर के अधिकारी प्रभारी (एसओ) होते हैं। अब इन बचे थानों में से 26 थाने पुलिस मुख्यालय ने उच्चीकरण के लिए चिन्हित किए हैं। आईजी कार्मिक एपी अंशुमान की ओर से शासन को इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। यह प्रस्ताव मंजूर हुआ तो प्रदेश में 80 थाने एसओ और 80 एसचओ यानी कोतवाली हो जाएंगी।
पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि इन थानों का उच्चीकरण बेहद आवश्यक है। ये सभी थाने संवेदनशील हैं और कुशल प्रशासक के तौर पर यहां इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी होने चाहिए। इसके लिए तमाम और भी तर्क दिए गए हैं। यही नहीं वर्तमान में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले बढ़ते देख भी ऐसा निर्णय लिया जाना आवश्यक है, कारण है कि आईटी एक्ट में दर्ज मुकदमों की विवेचना का अधिकार केवल इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को है। इसके अलावा कानून व्यवस्था के पहलुओं पर भी शासन का ध्यान दिलाया गया है। सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह सचिव को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दे दिए हैं।
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ये हैं थाने जिन्हें किया जाना है उच्चीकृत
देहरादून - नेहरू कॉलोनी, रायपुर, राजपुर, रायवावला और प्रेमनगर।
हरिद्वार - कनखल, पथरी, बहादराबाद, बुग्गावाला, भगवानपुर, सिडकुल।
उत्तरकाशी - कोतवाली उत्तरकाशी।
टिहरी गढ़वाल - चंबा।
चमोली - गोपेश्वर और गैरसैंण।
पौड़ी गढ़वाल - लक्ष्मण झूला।
नैनीताल - चोरगलिया और बनभूलपुरा।
ऊधमसिंह नगर - कुंडा, गदरपुर, पंतनगर, केलाखेड़ा, आईटीआई।
चंपावत - टनकपुर।
जीआरपी - जीआरपी देहरादून और हरिद्वार।
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