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तीन और अधिकारियों पर मुकदमे की तैयारी

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विजिलेंस प्रदेश के तीन और अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है। विजिलेंस ने मामले की जांच के बाद शासन से मुकदमे की अनुमति मांगी है। इसके अलावा 12 अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच विचाराधीन है। हाल में ही आईएफएस किशन चंद और पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।
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सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के हिसाब से विजिलेंस भी एक्शन में है। नतीजतन भ्रष्टाचार में डूबे सरकारी अधिकारियों पर कानूनी शिकं जा कसना शुरू हो गया है। विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के तीन और अधिकारी आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंस गए हैं। जांच के दौरान विजिलेंस ने उनके खिलाफ साक्ष्यों का संकलन किया है। इसी आधार पर शासन से उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अभियोग पंजीकृत करने की अनुमति मांगी गई है। शासन की हरी झंडी के बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा 12 अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच लंबित है। विजिलेंस एक-एक कर उनकी संपत्ति का हिसाब-किताब तैयार करने में जुटी है। एक सप्ताह पहले ही आईएफएस किशन चंद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज हुआ है। विजिलेंस किशन चंद और उसके परिजनों के बयान दर्ज करने के लिए नोटिस देने की तैयारी में है। इसी तरह लंबे समय सत्ता के गलियारों से जुड़े रहे आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ है। मिश्रा के बयान दर्ज हो चुके हैं, जल्द ही विजिलेंस उनकी पत्नी श्वेता मिश्रा को बयान दर्ज कराने के लिए बुला सकती है।
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