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परमधाम के क्रांति गुरु चंद्रमोहन महाराज पर दुष्कर्म का मुकदमा

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सहस्‍त्रधारा रोड स्थित परमधाम आश्रम में जांच करती पुलिस
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परमधाम न्यास के संचालक क्रांति गुरु चंद्रमोहन महाराज एक बार फिर विवादों में हैं। न्यास से जुड़ी दो महिलाओं ने उन पर सहस्त्रधारा स्थित आश्रम में दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए चंद्रमोहन, एक साथी और दो महिलाओं के खिलाफ राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों घटनाएं इसी वर्ष जून की बताई गई हैं। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि चंद्रमोहन की धमकियों के कारण वह दहशत में थी। पुलिस ने शनिवार शाम घटनास्थल का निरीक्षण कर आश्रम से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए।
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एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि राजपुर थाने में शुक्रवार को दो महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई है कि वे परमधाम न्यास मुख्यालय वलीदपुर दौराला (मेरठ) के संचालक गुरु चंद्रमोहन महाराज के मिशन से जुड़ी हैं। चंद्रमोहन महाराज का सहस्त्रधारा के शेरा गांव में आश्रम है। 22 जून 2019 को वे महिलाओं की मीटिंग में भाग लेने इस आश्रम में पहुंची थी। दिन में मीटिंग के बाद रात में वह आश्रम में टीनशेड के नीचे सो रही थी। इस दौरान आश्रम से जुड़ी दो महिलाओं ने जगाकर कहा कि महाराज ने उसे कमरे में बुलाया है।
आरोप है कि कमरे में पहुंचने पर चंद्रमोहन महाराज ने अपने साथी कुलदीप के साथ उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही धमकी भी दी कि यदि मुंह खोला तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। इसी तरह उसकी साथी महिला से 17 जून 2019 को चंद्रमोहन महाराज ने दुष्कर्म किया। धमकी दी गई कि उनकी अश्लील वीडियो क्लिप बना ली है। यदि मुंह खोला तो उसे वायरल कर दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मेडिकल के बाद पीड़िताओं की तहरीर पर चंद्रमोहन महाराज, कुलदीप और दो अन्य महिलाआें के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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तीसरी पत्नी और शिष्य की हत्या में उठे थे सवाल
क्रांति गुरु चंद्रमोहन महाराज का पहनावा दूसरे संतों से जुदा है। वो भगवा के बजाय मॉडर्न कपड़े पहनते हैं। नशे के खिलाफ मुहिम को लेकर सुर्खियों में आए चंद्रमोहन महाराज का विवादों से पुराना नाता रहा है। मुजफ्फरनगर में तीसरी पत्नी और शिष्य की हत्या के बाद देहरादून में अब दो महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में उनका नाम उछला है।
मुजफ्फरनगर जिले की तीर्थनगरी शुक्रताल के आश्रम को परमधाम न्यास का मुख्यालय बनाया था। शुरुआत में नशे के उन्मूलन की मुहिम में युवाओं के साथ काफी संख्या में महिलाएं उनसे जुड़ी थीं। वक्त के साथ परमधाम न्यास का विस्तार होता चला गया। मेरठ, नोएडा, देहरादून के अलावा कई राज्यों में परमधाम के आश्रम खुलने के साथ उनके अनुयायियों का आंकड़ा लाखों को पार कर गया। वर्ष 2007 में भोपा थाना क्षेत्र में चंद्रमोहन महाराज की पत्नी अंजनी बूड़ाकोटी और शिष्य रिटायर्ड फौजी राम अवतार की हत्या कर दी गई थी। हमले में चंद्रमोहन महाराज बाल-बाल बच गए थे।
चंद्रमोहन का कहना था कि बदमाशों के हमले में उनकी जान गई है। उस समय राम अवतार के बेटे ने चंद्रमोहन महाराज पर हत्या का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। लंबी जद्दोजहद के बाद भोपा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी प्रमोद पंवार ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। चंद्रमोहन महाराज ने पुलिस की चार्जशीट को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि चंद्रमोहन महाराज हत्या के आरोप को सिरे से खारिज करते रहे हैं। दुष्कर्म के मामले में चंद्रमोहन महाराज का नाम आने के बाद शुक्रताल में पत्नी और शिष्य हत्याकांड की याद ताजा हो गई है।
आरोपों को बताया झूठा
देहरादून। दुष्कर्म के मामले में राजपुर पुलिस ने शनिवार को आश्रम पहुंचकर आठ लोगों के बयान दर्ज किए गए। इन लोगों ने चंद्रमोहन महाराज पर लगाए गए आरोपों को झूठा बताया है। उनका कहना था कि चंद्रमोहन महाराज यहां हर बार अपनी पत्नी के साथ आते हैं। महिलाओं का आरोप उनकी समझ से परे हैं।

देहरादून में सहस्त्रधारा रोड स्थित परमधाम आश्रम में जांच करती पुलिस।

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