पुलिस यदि अलर्ट होती तो निसंदेह प्रेमनगर में ज्वेलर को आतंकित कर लाखों का सोना लूटने वाले बदमाश ज्यादा दूर नहीं भाग पाते। कंट्रोल रूम के कर्मचारियों के समय रहते घटना फ्लैश न करने के कारण पुलिस अलर्ट नहीं हो पाई। नतीजा यह हुआ कि लुटेरे शहर और देहात के सात थानों से होकर सुरक्षित निकल गए। एसएसपी ने सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन करने के बाद कंट्रोल रूम स्टाफ से नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश दिए है।
प्रेमनगर के मीठी बेरी में देव ज्वेलर्स के मालिक देवेन्द्र कुमार पर फायर कर लाखों रुपये की नगदी और सोना लूटकर बदमाश गोरखपुर की तरफ फरार हुए थे। पुलिस को लूटपाट की जानकारी कंट्रोल रूम के माध्यम से मिली थी। तीन बजकर 37 मिनट पर वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों की बाइक तेजी से निकली थी। पुलिस को करीब तीन बजकर 47 मिनट पर इसकी जानकारी हुई। कंट्रोल रूम से भी शहर के थानों को लूट का मेसेज जारी करने में थोड़ा और समय लगा। नतीजा यह हुआ कि शहर की पुलिस जब तक सक्रिय हुई बदमाश काफी आगे निकल चुके थे। पुलिस उनके जाने के बाद लकीर पीटती रह गई। सूत्रों की माने तो करीब 12 मिनट में बदमाशों ने शहर के प्रेमनगर, पटेलनगर, बसंत विहार, नेहरू कालोनी आदि थानों की सीमा लांघ दी थी। उससे बड़ी चूक यह है कि कंट्रोल रूम ने देहात में यह सूचना प्रसारित करना मुनासिब नहीं समझा। नतीजा यह हुआ कि बदमाश सुरक्षित निकलने में कामयाब हो गए। निसंदेह यदि सख्ती से चेकिंग होती तो पुलिस और बदमाशों का मुकाबला हो जाता। --
एसएसपी ने लगाई फटकार
प्रेमनगर क्षेत्र में ज्वेलर से लूटपाट की घटना के संबंध में देहात क्षेत्र की पुलिस को सूचित न करने पर एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने कड़ी नाराजगी जताई है। जोशी ने मंगलवार दोपहर को कंट्रोल रूम में पहुंचकर दूरसंचार से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक लेकर फटकार लगाई। एसएसपी ने कहा कि यदि रायवाला और डोईवाला पुलिस को संदेश मिल जाता तो कम से कम इन थाना क्षेत्राें में चेकिंग हो सकती थी। इसका पूरा फायदा लुटेरों को मिला। उन्होंने प्रशिक्षु सीओ पल्लवी त्यागी को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट में जिसकी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।