शनिवार को देहरादून के प्रेमनगर रूट पर विक्रमों का संचालन सुबह से ही बंद रहा। घंटाघर तक विक्रमों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर विक्रम संचालकों ने संचालन बंद किया।
इस दौरान संचालकों द्वारा रैली निकाल कर आरटीओ का घेराव कर विक्रमों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की और हंगामे किया। आरटीओ ने विक्रम संचालकों इस बाबत बात करने के लिए सोमवार को बुलाया। तब कहीं जाकर दोपहर साढ़े तीन बजे से संचालन शुरू हो सका।
बिंदाल विक्रम स्टैंड से प्रेमनगर रूट पर चलने वाले विक्रम सवारियां बैठाने के लिए घंटाघर तक आते हैं। संभागीय परिवहन विभाग ने पहले हुए समझौते के तहत एक समय में दो विक्रमों को घंटाघर तक आने ही इजाजत दी है।
लेकिन सवारियों को देखते हुए विक्रम संचालक महीने भर से घंटाघर तक करीब आठ विक्रमों के संचालन की मांग कर रहे हैं, लेकिन आरटीओ और पुलिस से इजाजत नहीं मिल सकी।
इसके विरोध में शनिवार की सुबह साढ़े नौ बजे तक प्रेमनगर-घंटाघर रूट पर विक्रम संचालन के बाद अचानक संचालन रोक दिया गया। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान रैली निकालने की कोशिश कर रहे विक्रम संचालकों की बिंदाल चौकी पुलिस और कोतवाली पुलिस के साथ भी जमकर बहस हुई।
दोपहर दो बजे विक्रम संचालक रैली के रूप में आरटीओ कार्यालय पहुंचे। जहां आरटीओ डीसी पटोई के साथ प्रेमनगर-घंटाघर रूट विक्रम यूनियन की जमकर बहस हुई।
वार्ता के लिए दोबारा बुलाया
हंगामे के बाद आरटीओ ने सोमवार के दिन विक्रम यूनियन के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए दोबारा बुलाया। जिसके बाद शाम साढ़े तीन बजे से विक्रमों का संचालन प्रेमनगर के लिए शुरू हुआ। इस दौरान ओमपाल सिंह, संजय अरोड़ा, राजेंद्र कुमार, प्रदीप जोशी, संजय राम कुमार आदि उपस्थित थे।
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