ऋषिकेश के विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का विधानसभा अध्यक्ष बनना तय हो गया है। बुधवार को स्पीकर पद के लिये केवल उन्हीं का नामांकन दाखिल हुआ। कमजोर संख्या बल की वजह से विपक्ष ने भी चुनाव से किनारा किया।
अब अग्रवाल के निर्वाचन की औपचारिकता रह गई है। बृहस्पतिवार को प्रोटेम स्पीकर उन्हें स्पीकर चुने जाने की घोषणा करेंगे। बुधवार को सुबह करीब साढ़े 10 बजे अग्रवाल पार्टी नेताओं के साथ विधानसभा सचिव के कार्यालय कक्ष में पहुंचे।
इनमें प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, पार्टी विधायक पुष्कर सिंह धामी, खजान दास व पार्टी नेता अजयेन्द्र अजय व बलजीत सिंह सोनी, अग्रवाल के बड़े भाई ताराचंद अग्रवाल समेत कई अन्य समर्थक शामिल थे। विधानसभा सचिव जगदीश चंद्र के मुताबिक, अग्रवाल के नामांकन के समर्थन में प्रस्तावकों के 16 सैट प्राप्त हुए।
अग्रवाल ने भी अपना एक सहमति पत्र दिया जिसमें उन्होंने बताया कि वह स्पीकर पद का चुनाव लड़ना चाहते हैं। इन प्रस्तावों में 32 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं। शाम पांच बजे तक उनके पास कोई और नामांकन नहीं पहुंचा था। केवल एक ही नामांकन दाखिल होने की वजह से प्रेमचंद अग्रवाल का विधानसभा अध्यक्ष पद निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। बृहस्पतिवार को प्रोटेम स्पीकर नये स्पीकर के नाम की घोषणा करेंगे।
कोपभवन में डिप्टी स्पीकर, भाजपा में बेचैनी
मगर डिप्टी स्पीकर हरबंस कपूर स्पीकर के नाम का एलान करने बृहस्पतिवार को विधानसभा आएंगे, इसे लेकर सस्पेंस है। दरअसल, वरिष्ठ विधायक होने की वजह से कपूर कैबिनेट मंत्री की दौड़ में बताये जा रहे थे। मगर अब पार्टी के भीतर ये चर्चा गर्म है कि मंत्रियों के दो पद खाली होने के बावजूद कपूर की मुराद शायद ही पूरी हो पाएगी। शुरुआत में उन्हें स्पीकर बनाये जाने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन इस पद पर प्रेमचंद अग्रवाल का नामांकन कराने के बाद कपूर समर्थकों में बेचैनी व्याप्त हो गई। कपूर भी आज विधानसभा नहीं पहुंचे। उनके विधानसभा न पहुंचने को उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा गया। अब भाजपा की बेचैनी बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को भी कपूर विधानसभा नहीं आए तो स्पीकर के चुनाव को लेकर विधानसभा सचिवालय को भी संवैधानिक उपाय करने पड़ सकते हैं।
ये है व्यवस्था
विधानसभा की कार्यसंचालन नियामवली में प्रोटेम स्पीकर की गैरमौजूदगी में भी स्पीकर के चुनाव कराये जाने का प्रावधान है। इसके लिये पहले ही से वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है। यानी प्रोटेम स्पीकर के साथ ही राज्यपाल एक व्यक्ति को भी नामित करते हैं। प्रोटेम स्पीकर की अनुपलब्धता पर इस नामित व्यक्ति को शपथ दिलाकर उससे प्रोटेम स्पीकर के कर्तव्यों का निर्वहन कराया जाता है।
प्रेमचंद अग्रवाल का परिचय
ऋषिकेश के विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का जन्म 12 अप्रैल 1960 को डोईवाला में हुआ। उनकी शिक्षा-दीक्षा डोईवाला में हुई। वह स्नातकोत्तर हैं और उन्होंने कानून की शिक्षा भी ग्रहण की है। विद्यार्थी परिषद से लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े रहे अग्रवाल युवावस्था से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। नौजवान साथियों के संग गरीब बच्चों को मुफ्त टयूशन पढ़ाने का उन्होंने क्षेत्र अभियान भी चलाया था। आरएसएस पृष्ठभूमि से जुड़े प्रेम ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र 2007 में पहला चुनाव जीते। फिर 2012 में उन्होंने चुनाव जीता और उसके बाद एक फिर निर्वाचित होकर विस पहुंचे।