इन विसंगतियों को देखते हुए सरकार ने निर्ण्य लिया है कि अटल आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़े निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया जाए। सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा ने निर्देश दिए कि सूचीबद्ध निजी अस्पताल अपने यहां योजना के लाभार्थियों के लिए अलग से बेड आरक्षित रखेें, ताकि आपातकाल की स्थिति में प्रसूता को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
बैठक में निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती, अपर निदेशक डॉ. सरोज नैथानी, आईएमए सचिव डॉ. डीडी चौधरी, सीएमआई अस्पताल के निदेशक डॉ. आरके जैन, श्री महंत इंदिरेश, मैक्स अस्पताल, सिनर्जी अस्पताल एवं कैलाश हॉस्पिटल के अधिकारी मौजूद रहे।
भुगतान के लिए कमेटी गठित
मरीजों के इलाज के बाद निजी अस्पतालों को किए जाने वाले भुगतान के लिए सचिव चिकित्सा ने पांच सदस्यीय कमेटी का भी गठन कर दिया है। यह पांच सदस्यीय कमेटी सूचीबद्ध अस्पतालोें के यू-हैल्थ एवं एमएसबीवाई (मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना) से संबंधित लंबित भुगतान का निपटारा एक माह के अंतर्गत सुनिश्चित करेगी।