बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने बदरीनाथ भगवान का श्रृंगार किया, जबकि वेदपाठियों ने मंगलाचरण और वेद मंत्रों का पाठ किया।
दोपहर बाद गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस दौरान धाम में बामणी व माणा गांव के ग्रामीणों के साथ ही साधु-संतों और तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ की स्तुति की। शनिवार को आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे।
बदरीनाथ धाम में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बावजूद तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को धाम में 1355 तीर्थयात्री भगवान बदरीनाथ के दर्शनों को पहुंचे। अभी तक 1057425 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं।