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लचर स्वास्थ्य सेवाओं ने ली गर्भवती की जान, बच्चे की भी मौत

Tue, 28 Feb 2017 07:22 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देवाल(चमोली)
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डेमो - फोटो : demo pic
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उत्तराखंड में लचर स्वास्थ्य सुविधाओं से एक महिला की जान चली गई। यही नहीं गर्भ में पल रहे नौ माह के शिशु की भी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद पेट से शिशु का शव निकाला गया। जिसके बाद महिला और शिशु का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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देवाल में 23 वर्षीय बिमला देवी का विवाह घेस गांव के रणजीत सिंह के साथ एक साल पहले हुआ था। बताया जा रहा है कि सोमवार को बिमला देवी को प्रसव पीड़ा हुई। जिस पर रणजीत सिंह अपनी मां और आशा के साथ बिमला को सुबह साढ़े नौ बजे देवाल लाया।

यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच के बाद डा. एमके सिंह ने बिमला देवी को थराली के लिए रेफर कर दिया गया। लेकिन बिमला देवी थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शाम पांच बजे पहुंची। यहां डा. प्रमोद कुमार सिंह ने बिमला की जांच एंबुलेंस में ही की। स्थिति नाजुक देखते हुए हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
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जिसके बाद परिजनों ने बिमला को नारायणबगड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चेकअप कराया, लेकिन यहां डा. एमके सिंह ने बिमला को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजन मृत महिला को वापस देवाल ले गए।
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समय पर मिलता उपचार तो बच सकती थी जान

operation - फोटो : file photo
मंगलवार सुबह जिला चिकित्सालय के डा. शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में तीन डॉक्टरों की टीम देवाल पहुंची। जहां ऑपरेशन कर महिला के पेट से मृत शिशु को निकाला गया। परिजनों की मांग पर शव का पीएम नहीं किया गया। जिस पर अन्य कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस प्रशासन ने मृतक महिला के शव और शिशु के शव को परिजनों को सौंप दिया गया। 

देवाल घेस गांव की बिमला देवी को समय पर उपचार मिलता तो महिला की जान बच सकती थी। लेकिन बताया जा रहा है कि देवाल से रेफर होने के बाद महिला का पति अंधविश्वास के चलते किसी तांत्रिक की शरण में चला गया। जिसके बाद महिला करीब साढ़े सात घंटे देर से देवाल से थराली अस्पताल पहुंचे।

इसकी तस्दीक आपातकालीन सेवा के कर्मी दुर्गेश अवस्थी ने की। अवस्थी ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे बिमला देवी को थराली ले जाना था लेकिन बिमला देवी का पति रणजीत सिंह न जाने कहां चला गया। जिससे देर हुई और करीब पांच बजे थराली पहुंचे।

बिमला देवी की जांच 14 फरवरी को देवाल अस्‍पताल में की गई थी। इस दौरान उसे श्रीनगर दिखाने की सलाह दी गई थी। लेकिन बिमला श्रीनगर नहीं गई। ग्रामीणों के अनुसार मृतिका का पति उसको अस्पताल दिखाने के बजाय गांव में तांत्रिक के पास ले गया। सोमवार को बिमला की हालत देखते हुए रेफर कर दिया गया था।
- मनोज कुमार, चिकित्सक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल
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