राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों को स्टील फ्रेम की संज्ञा दी। कहा कि वे देश के उत्थान में अपनी दक्षता और अनुभवों का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि अफसरों को ईमानदारी से कार्य करना चाहिए।
मुखर्जी ने कहा कि इस वक्त आम जनता के सशक्तिकरण पर अमल किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा, शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, मनरेगा इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। महिला विकास सूचकांक की प्रगति पर उन्होंने असंतुष्टि जाहिर की। कहा कि आधी आबादी के पीछे रहने से देश का विकास संभव नहीं है।
धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत की व्याख्या
राष्ट्रपति शुक्रवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
राष्ट्रपति ने धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत की व्याख्या की और बताया कि सरकार किसी धर्म विशेष के लिए कार्य नहीं करेगी। कहा कि पिछले दस वर्षों में आर्थिक विकास की दर 7.9 प्रतिशत रही जो कि किसी भी दशक की आर्थिक विकास दर से अधिक है।
भारतीय लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए स्वतंत्र संस्थाएं न्यायपालिका, चुनाव आयोग, संसद और कार्यपालिका का मजबूत होना जरूरी है। संविधान निर्माताओं ने स्वतंत्र संस्थाएं स्थापित करके शक्तियों का विकेंद्रीकरण किया है।
ताजा राजनीतिक स्थिति पर राष्ट्रपति ने कहा कि अब निर्वाचित प्रतिनिधि साधारण परिवारों से आ रहे हैं। वे खुद भी अति साधारण परिवार से हैं। वह 10 किमी पैदल चलकर स्कूल जाते थे। यह भारतीय लोकतंत्र की महानता है कि वे साधारण परिवार में जन्म लेकर राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद पर पहुंच पाए।
सांसद व विधायक जनता के प्रतिनिधि
उन्होंने कहा कि सांसद व विधायक जनता के प्रतिनिधि होते हैं। उनके निर्णयों का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। फिर भारत समेत विश्व के सिविल सर्विस के इतिहास पर रोशनी डाली।
बाद में राष्ट्रपति ने कार्यक्रम के प्रतिभागी अधिकारियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। अकादमी के निदेशक पदमवीर सिंह ने अकादमी के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर उत्तराखंड के राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी, केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री वी नारायणसामी, मंत्री प्रीतम सिंह पंवार भी मौजूद थे। इससे पूर्व जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पर राज्यपाल डा. कुरैशी व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का स्वागत किया।