उत्तराखंड के वित्त एवं पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने साल 2008 में आदि कैलाश यात्रा के बाद लिखी हुई पुस्तक उन्हें भेंट की। उस वक्त प्रदेश के पर्यटन मंत्री थे।
तब उन्होंने अपने कई सहयोगियों के साथ धारचूला के आदि कैलाश (छोटा कैलाश) तक का पैदल सफर किया था। बाद में उन्होंने इस यात्रा वृत्तांत को सचित्र पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया।
धारचूला तहसील के अत्यंत दूरस्थ इलाके के जनजीवन, प्रकृति, छोटा कैलाश के महत्व आदि की विस्तृत जानकारी वाली यह किताब आज प्रधानमंत्री के हाथों में पहुंच गई है।
पंत ने दिल्ली से फोन पर बताया कि प्रधानमंत्री के सामने राज्य से जुड़े कई मुद्दे रखे गए। इनमें राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत कम से कम 300 करोड़ रुपये की राशि देने, राज्य में संकटग्रस्त 5000 प्राकृतिक जलस्रोतों और जलधाराओं के संवर्धन के लिए 250 करोड़ रुपये देने व ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में लगातार पैदा हो रहे पेयजल संकट के निदान के लिए विशेष पैकेज देने की मांग शामिल हैं।
इसके अलावा प्रदेश में हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भवाली स्थित सेनिटोरियम की दशा सुधारने, नानकमत्ता में गुरु गोविंद सिंह जी के नाम पर अस्पताल खोलने की मांग रखी गई।
राज्य के किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान करने और चीनी मिलों के रखरखाव के लिए 110 करोड़ देने तथा पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाईपट्टी समेत राज्य की कुल पांच हवाईपट्टियों पर नियमित उड़ान शुरू जैसी मांगें भी पीएम के सामने रखी गईं। पंत के अनुसार प्रधानमंत्री ने सभी मांगों को काफी गंभीरता से सुना।
उम्मीद जताई कि कई योजनाओं के लिए जल्द ही केंद्र सरकार से मदद मिल जाएगी। पंत ने बताया कि प्रधानमंत्री ने व्यापारियों को जीएसटी के प्रति जागरूक करने को कहा और इसके माध्यम से राजस्व बढ़ाने की सलाह दी।