उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चंबा में मजदूर की मौत पर अफसोस जताया है। हरीश रावत ने इस घटना को राज्य को शर्मसार करने वाली घटना करार दिया। उन्होंने त्रिवेंद्र सरकार से जल्द किसी ठोस योजना के साथ सामने आने की रखी मांग। हालांकि कुछ स्थानीय लोग मृतक को किसान बता रहे हैं।
इस दौरान हरीश रावत ने विभागों के एकीकरण की सरकार की योजना पर हैरानी जताई। विशेष तौर पर उद्यान और कृषि विभाग के एकीकरण को उन्होंने गलत बताया। एग्रीकल्चर और हार्टीकल्चर डिपार्टमेंट के एकीकरण पर डिजास्टर की आशंका जताई।
इतना ही नहीं हरीश रावत ने नई सरकार बनने के बाद खनन से राजस्व बढ़ने के अजय भट्ट के दावों पर जवाब दिया। कहा कि अजय भट्ट ने जो आंकड़े दिए वह कांग्रेस सरकार के दौरान है।
राज्य सरकार की वेबसाइट से डाउनलोड कर आंकड़े जारी किए गए। हरीश रावत ने नई सरकार बनने के बाद रेत और बजरी के रेट बढ़ने से लोगों को 250 करोड़ की चपत लगने का दावा किया। कहा कि राज्य सरकार कुछ खनन कारोबारियों को फायदा पहुंचा रही है।
बता दें कि टिहरी के चंबा में कर्ज के बोझ तले दबे स्वाड़ी गांव के एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। स्वाड़ी गांव निवासी राजू कुमार (48) पुत्र मुसा कुमार दिहाड़ी मजदूरी करता है। रोज की तरह वह बुधवार सुबह को घर से मजदूरी करने चल दिया, लेकिन जब वह रात को घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने ढूंढ खोज शुरू की, लेकिन रात को उसका कुछ पता नहीं चल पाया।
बृहस्पतिवार सुबह स्कूली बच्चों ने गांव से 150 मीटर दूर जामनी तोक स्थित खेतों में एक शव पड़ा देखा। प्रधान घनानंद की सूचना पर चंबा से प्रभारी थानाध्यक्ष उपेंद्र भंडारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
थानाध्यक्ष भंडारी का कहना है कि मृतक के मुंह से झाग निकल रहा था। शरीर पर चोट के कोई भी निशान नहीं है। हो सकता है कि उसने जहर खाया हो। प्रधान घनानंद ने बताया कि मृतक के छह बच्चे हैं। खच्चरों के लिए उसने बैंक से ऋण लिया था।