कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने जड़ी-बूटियों के दाम तय करने के लिए बाबा रामदेव की फर्म के साथ प्रदेश सरकार द्वारा किए गए एमओयू को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार को स्वतंत्र आयोग बनाना चाहिए, ताकि किसानों के साथ न्याय हो सके।
यहां पत्रकारों से बातचीत में टम्टा ने आरोप लगाया कि सरकार ने राज्य में जड़ी-बूटी उत्पादन करने वाले काश्तकारों के हित बाबा रामदेव की फर्म के पास गिरवी रख दिए हैं। भाजपा सरकार ने रामदेव को लाभ पहुंचाने के लिए यह एमओयू किया गया है, जबकि मूल्य निर्धारण सरकार को करना चाहिए।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि डबल इंजन की सरकार जनता के हितों के खिलाफ काम कर रही है। सस्ते गल्ले की दुकानों से चीनी का कोटा बंद कर दिया गया है और अब एपीएल परिवारों को सस्ता राशन नहीं दिया जा रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार राज्य की स्थायी राजधानी देहादून बनाने की साजिश कर रही है।