रेप के आरोप में फंसे पूर्व सांसद किशन सिंह सांगवान के बेटे प्रदीप सांगवान पर पुलिसिया शिकंजा कसता जा रहा है।
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देहरादून पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए सादी वर्दी में उनके आवास और अन्य संभावित ठिकानों पर नजर रखे हुए है।
उधर, प्रदीप सांगवान फिलहाल भूमिगत हो गए हैं। लेकिन सोमवार सुबह पांच बजे गोहाना के कुछ मीडियाकर्मियों से मोबाइल पर उनकी बातचीत हुई।
सांगवान ने दावा किया कि मुझे बदनाम करने के लिए राजनीतिक लोगों द्वारा फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देहरादून के जिस वाटर पार्क ज्वॉय लैंड को लेकर कीचड़ उछाला जा रहा है, उसको उन्होंने किराए पर दे रखा है।
चरित्र-हनन के लिए राजनीतिक साजिश
संसदीय चुनाव में व्यस्त होने के कारण मैं पिछले 8 महीने से देहरादून नहीं गया। उन्होंने अपने आप को बेकसूर बताया और कहा कि उनके चरित्र-हनन के लिए राजनीतिक साजिश रची गई है।
उनका कहना है कि वक्त आने पर सब कुछ जनता के सामने आ जाएगा। कांग्रेस नेता प्रदीप सांगवान पर पुलिस गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
सोमवार को देहरादून पुलिस सोनीपत में उनके निवास स्थान के बाहर सादी वर्दी में डटी रही। सेक्टर- 14 स्थित सांगवान के आवास पर सोमवार को वीरानी छाई रही।
उनके कुछ समर्थकों का आना जाना लगा रहा, लेकिन उनके परिजन लोगों से मिलने के लिए सामने नहीं आए। उनके नजदीकी लोग यह भी नहीं बता रहे कि प्रदीप सांगवान की माता, पत्नी और अन्य परिजन घर में हैं या नहीं।
हालांकि देहरादून पुलिस ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी के लिये सीधे सोनीपत पुलिस से कोई संपर्क नहीं किया है।
डीएसपी अजीत सिंह ने बताया कि देहरादून पुलिस ने उनसे संपर्क नहीं किया है। अगर पुलिस मदद मांगती है तो पूरा सहयोग किया जाएगा।
देहरादून में लाखों की संपत्ति
देहरादून में कैशियर युवती से दुष्कर्म के आरोप से घिरे कांग्रेस नेता प्रदीप सांगवान की देहरादून स्थित सहस्त्रधारा में लाखों की संपत्ति है।
वर्ष 2007 में एक के बाद एक उन्होंने यहां कुल चार संपत्तियां खड़ी की, जिनकी वर्तमान में बाजार कीमत 26 लाख रुपए बताई गई है। संपत्ति के मामले में प्रदीप सांगवान किसी धन्ना सेठ से कम नहीं है।
सिर्फ मकान और कृषि भूमि की कीमत ही 1.26 करोड़ रुपए है। बैंक में सवा दो लाख रुपए जमा हैं तो उनके पास 40 ग्राम सोना भी है।
पत्नी और अन्य परिजनों की संपत्ति इससे अलग है। संपत्ति का यह डाटा उन्होंने पिछले दिनों गत 22 मार्च को तब उजागर किया था, जब उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन किया था।
हालांकि कांग्रेस का दामन थामने के बाद उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया था।
जॉयलैंड के नाम से वॉटर पार्क
प्रदीप सांगवान पर दुष्कर्म के आरोप देहरादून में लगे हैं। उनका यहां जॉयलैंड के नाम से वॉटर पार्क है।
यह देहरादून स्थित सहस्त्रधारा में उनकी अकेली संपत्ति नहीं है। इसके अलावा 12.50 हेक्टेयर जमीन में एक तिहाई हिस्सा है। तब इसे 90 हजार रुपए में खरीदी थी।
इसकी वर्तमान कीमत 10 लाख के करीब है। इसके अलावा सहस्त्रधारा में ही 0.1260 हेक्टेयर जमीन जोकि 4 लाख रुपए की है। यही 210 स्क्वायर मीटर और 139.35 स्क्वायर मीटर जमीन उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर खरीदी है।
सहस्त्रधारा सहित जमीन की कुल कीमत 26 लाख रुपए आंकी जा रही है। उनका विभिन्न बैंकों में खाता है, जिनमें से एक देहरादून के इलाहाबाद बैंक में भी है कुल राशि 2.15 लाख रुपए जमा है।
उनकी पत्नी के नाम 34 हजार रुपए जमा हैं। बच्चों के नाम भी कुछ कैश बैंकों में है।
साथ में रखते हैं दो पिस्तौल और एक गन
प्रदीप सांगवान के पास दो पिस्तौल और एक गन भी है। पिस्तौल जहां 0.32 बोर की है, वहीं गन 12 बोर की है। जिनकी बाजार में कीमत 85 हजार रुपए बताई गई है।
गन्नौर में उनकी आईओसीएल लिमिटेड पानीपत की डीलरशिप है। उनके पास खेती योग्य जमीन है। नूरनखेड़ा में उनकी 32 कनाल 18 मरला जमीन है, जिनमें से आधा हिस्सा प्रदीप के नाम है।
इसकी कुल कीमत 50 लाख रुपए बताई जा रही है। उनकी पत्नी के नाम भी अलग से जमीन है। 1 करोड़ 26 लाख रुपए कीमत की रिहायशी जमीन भी उनके पास है।
लाखों रुपए कीमत का 40 ग्राम सोना भी उनके पास है। इसके अलावा भी प्रदीप सांगवान के पास संपत्ति है।
प्रदीप सांगवान के पिता किशन सिंह सांगवान ने सोनीपत से कांग्रेस लहर के बावजूद भाजपा से सांसदी जीतकर नई इबारत लिखी थी।
और बेटा पिछले विधानसभा चुनाव में सोनीपत की गोहाना सीट से जमानत भी नहीं बचा सका। वकील से राजनेता बने किशन सिंह सांगवान सबसे पहले 1987 में चुनाव जीतने के बाद देवीलाल सरकार में शिक्षा मंत्री रहे।
व्यवहार के धनी सांगवान ने लंबे संघर्ष के बाद अपनी राजनीतिक जमीन तैयार की। इंडियन नेशनल लोकदल छोड़ने के बाद वह भाजपा गए तो उनकी गिनती जल्द ही कद्दावर नेताओं में हुई।
वह सोनीपत से पहला लोकसभा चुनाव इनेलो के टिकट पर भाजपा के गठबंधन से लड़े और जीत गए। ओमप्रकाश चौटाला से मतभेद के बाद उन्होंने भाजपा ज्वाइन की और फिर सोनीपत से चुनाव जीते।
किशन सिंह सांगवान 2004 की कांग्रेस लहर में हरियाणा में भाजपा के अकेले सांसद चुने गए। लेकिन 2009 में वह काफी कम अंतर से चुनाव हार गए। दिसम्बर 2012 में उनका निधन हो गया।