प्रदेश में बिजली आपूर्ति गड़बड़ाने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में छह से सात घंटे, छोटे शहरों में ढाई से तीन घंटे और स्टील फर्नेंस इंडस्ट्रीज में सात घंटे तक कटौती हो रही है। हालांकि, ऊर्जा निगम यह बात मानने को तैयार नहीं है। निगम की ओर से रोजाना मीडिया में कम कटौती की सूचना दी जाती है।
बिजली उत्पादन कम
सर्दी बढ़ाने के कारण प्रदेश में बिजली उत्पादन कम हो गया है। केंद्रीय पुल से शेयर भी काफी कम मिल रहा है। इसके कारण प्रदेश में बिजली मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन गड़बड़ा गया है। रोजाना 28 लाख यूनिट बिजली की कमी हो रही है। ऊर्जा निगम के एक आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में बिजली की मांग 3.28 करोड़ यूनिट के आसपास है, जबकि उपलब्धता तीन करोड़ यूनिट है।
छह से सात घंटा कटौती
ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में छह से सात घंटे तक कटौती की जा रही है। औद्योगिक इकाईयों में भी दो से तीन घंटे की कटौती शुरू कर दी गई है। जानकारों का कहना है कि दिसंबर और जनवरी में संकट और बढ़ेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती 10 घंटे तक पहुंच सकती है। शहरी क्षेत्रों पर भी इसकी मार पड़ेगी।