उत्तराखंड में नए साल में बिजली की किल्लत कम होगी। इसके लिए यूपीसीएल इसी महीने 500 मेगावाट बिजली खरीदने जा रहा है, जिसकी नियामक आयोग दिसंबर माह में ही मंजूरी दे चुका है। प्रदेश में इस समय बिजली की मांग करीब 4.8 करोड़ यूनिट पर पहुंच चुकी है।
तीन दिन के भीतर बिजली की मांग सीधे 20 लाख यूनिट बढ़ गई। इस बढ़ोतरी के सापेक्ष यूपीसीएल के पास राज्य से करीब 95 लाख यूनिट और केंद्रीय पूल से करीब 1.4 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध है। बाकी बिजली यूपीसीएल पावर बैंकिंग या बाजार से ले रहा है। अभी पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग और बढ़ेगी।
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ऐसे में यूपीसीएल ने पहले ही 500 मेगावाट का इंतजाम किया है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि शॉर्ट टर्म टेंडर से यह बिजली खरीदी गई है, जिसकी आपूर्ति शीघ्र शुरू कर दी जाएगी। इस आपूर्ति के आने के बाद बाजार से रोजाना बिजली खरीद की जरूरत अपेक्षाकृत कम होगी। निगम प्रबंधन अब नए साल में और बिजली टेंडर से खरीदने की तैयारी में है।
बाजार-बैंकिंग से करीब 1.5 करोड़ यूनिट बिजली
यूपीसीएल वर्तमान में बाजार और पावर बैंकिंग से करीब 1.5 करोड़ यूनिट बिजली ले रहा है। पावर बैंकिंग के तहत अन्य राज्यों से मिलने वाली बिजली बाद में यूपीसीएल को लौटानी होती है। बाजार की बिजली दाम देखकर इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से खरीदी जाती है, जो ज्यादातर शाम को पीक आवर में ली जा रही है।