बिजली उत्पादन बढ़ाने में आ रही कानूनी अड़चन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने बिजली बचत (चोरी) और होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई की तैयारी कर ली है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रयोग के तौर पर काशीपुर और रुड़की में बिजली वितरण का जिम्मा निजी कम्पनियों को सौंपने का फैसला लिया गया है। इसके लिए सरकार ने दिल्ली और आगरा मॉडल का परीक्षण कराया है।
मंत्रिमंडल ने बिजली वितरण का काम निजी हाथों में सौंपने का फैसला बाकयदा मैदानी जिलों में सर्वे केबाद लिया है। राज्य के ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिलों में जितनी बिजली लॉस (चोरी) हो रहा है उतनी खपत अन्य पर्वतीय जिलों की है।