उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में गुरुवार को जनता को बिजली आपूर्ति की दोहरी मार झेलनी पड़ी।
पढ़ें, उत्तराखंड के इस गांव में कोई लड़की नहीं बनती दुल्हन
पहले ही उत्पादन कम होने से प्रदेश परेशानी में है। उस पर यूपी की ट्रांसमिशन लाइनें ओवरलोड होने का भी असर आपूर्ति पर पड़ा। नतीजतन विभिन्न क्षेत्रों में छह से सात घंटे तक कटौती करनी पड़ी।
पढ़ें, हमारे सीएम का खर्चा देखकर तो अंबानी भी शरमा जाएं
यूपी में मुरादाबाद, दादरी और पनकी की 400 केवी की लाइन ब्रेकडाउन हो गई। इसके अलावा 400 केवी की मेरठ-मुजफ्फरनगर लाइन पर भी लोड बढ़ गया। इससे हरिद्वार में सात घंटे और गढ़वाल के छोटे शहरों में तीन घंटे तक कटौती की गई।
अन्य जिलों में भी एक से लेकर तीन घंटे तक की कटौती से जनता परेशान रही। दूसरी ओर, उत्तराखंड जलविद्युत निगम की परियोजनाओं से भी उत्पादन घट गया है। कालागढ़ से उत्पादन शून्य रहा।
पढ़ें, सरकार ने सभी को दिया नए साल का तोहफा
मनेरी भाली द्वितीय की चार में से केवल एक मशीन ही चल रही है। इससे प्रदेश के उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक एसएस यादव ने बताया कि अगर जल विद्युत निगम की ओर उत्पादन ठीक कर लिया जाए तो काफी हद तक परेशानी दर हो जाएगी।
उत्पादन लक्ष्य पूरा किया
उत्तराखंड जलविद्युत निगम प्रबंधन ने दावा किया है कि 2013-14 वित्तीय वर्ष में समय से पहले विद्युत उत्पादन का लक्ष्य पूरा हो गया है।
पढ़ें, श्रीनगर और लखनऊ से बेहतर है देहरादून
सहायक जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि कुल्हाल, छिबरो, खोदरी, ढकरानी, रामगंगा, खटीमा सहित तमाम परियोजनाओं से लक्ष्य पूरा हो चुका है।