यूपीसीएल ने भी तैयारी तेज की
यूपीसीएल के निदेशक परियोजना अजय कुमार अग्रवाल ने बताया, टीएचडीसी के साथ पंप स्टोरेज से 25 साल का पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) किया गया था, जिसके तहत जनवरी से बिजली मिलने की संभावना है। इसके तहत दिन के समय यूपीसीएल इस परियोजना के संचालन को बिजली देगा, जिसके लिए एसजेवीएन से 2.67 रुपये के दाम पर सौर ऊर्जा ली गई है। बदले में करीब साढ़े चार रुपये यूनिट के खर्च पर टीएचडीसी से रोजाना करीब 200 मेगावाट बिजली मिलेगी।
केंद्रीय विद्युत नियामक प्राधिकरण को भेजा पत्र
यूपीसीएल ने भी अक्तूबर से मार्च में केंद्र से बिजली के लिए केंद्रीय विद्युत नियामक प्राधिकरण को पत्र भेजा है। एमपी के गोरखपुर के बरेला गांव में स्थित एनटीपीसी के झबुआ पावर प्लांट से भी 200 से 300 मेगावाट बिजली खरीद के लिए पीपीए पर काम किया जा रहा है। यहां से 25 साल तक चार से 4.80 रुपये प्रति यूनिट तक बिजली मिलेगी। वहीं, सिक्किम ऊर्जा की जल विद्युत परियोजनाओं से भी 150 से 200 मेगावाट बिजली खरीद पर काम शुरू कर दिया गया है। यूपीसीएल ने एनटीपीसी की 25 साल का पीपीए पूरी कर चुकी परियोजनाओं के 17 हजार मेगावाट में से भी कुछ बिजली की मांग रखी है।
अक्तूबर 22 से मार्च 23 तक रोजाना मांग व उपलब्धता
माह बिजली की मांग उपलब्धता (करोड़ यूनिट में)
अक्तूबर-2022 3.5 3.3
नवंबर-2022 3.6 2.4
दिसंबर 2022 3.7 2.3
जनवरी 2023 4.3 2.8
फरवरी 2023 4.0 3.0
मार्च 2023 3.7 2.5
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गांवों में साढ़े चार घंटे तक बिजली कटौती
राज्य में बिजली संकट बढ़ने लगा है। व्यासी परियोजना से रोजाना 24 लाख यूनिट न मिलने से ग्रामीण इलाकों में रोजाना साढ़े चार घंटे तक कटौती की जा रही है। शुक्रवार को हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में चार से साढ़े चार घंटे कटौती की गई। छोटे कस्बों में दो घंटे, काशीपुर में डेढ़, रुद्रपुर में सवा घंटे, हल्द्वानी व रुड़की में डेढ़ और ज्वालापुर में दो घंटे कटौती हुई। स्टील फर्नेश उद्योगों में गढ़वाल मंडल में करीब साढ़े नौ घंटे और कुमाऊं मंडल में साढ़े 10 घंटे कटौती की गई। यूपीसीएल के मुताबिक, वर्तमान में बिजली की मांग करीब 4.8 करोड़ यूनिट तक जा रही है, जिसके सापेक्ष 4.6 करोड़ यूनिट बिजली ही मुहैया हो पा रही है।