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Dehradun: पावर कारपोरेशन ने आयोग की अनुमति के बिना खरीद ली करोड़ों की बिजली, मामले में कार्रवाई के निर्देश

Wed, 19 Oct 2022 11:57 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

नियमानुसार बिजली खरीदने से पहले अनुमति ली जाती तो आयोग महंगी बिजली खरीद पर आपत्ति कर सकता था। आयोग यह भी पूछ सकता था कि ऊर्जा निगम की ओर से समय रहते बिजली की व्यवस्थों क्यों नहीं की गई। इन सबसे बचने के लिए आयोग की अनुमति के बिना करोड़ों की बिजली खरीदी गई।
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उत्तराखंड में बिजली हुई महंगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड पावर कारपोरेशन ने विद्युत नियामक आयोग से अनुमति के बिना एक हजार करोड़ रुपये से अधिक कीमत की बिजली खरीद ली। सूचना के अधिकार अधिनियम से इसका खुलासा हुआ है। प्रकरण की शिकायत पर राजभवन ने सचिव ऊर्जा को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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 प्रदेश में बिजली की खरीद के लिए नियमानुसार विद्युत नियामक आयोग से इसकी अनुमति ली जाती है, लेकिन प्रदेश में इस साल करोड़ों रुपये की बिजली खरीद के मामले में ऐसा नहीं हुआ। देहरादून जिला निवासी प्रवीण शर्मा की ओर से आरटीआई के तहत लोक सूचना अधिकारी उत्तराखंड पावर कारपोरेशन से मांगी गई सूचना में बताया गया है कि इस साल मार्च से जून तक इंडिया एनर्जी एक्सचेंज एवं पावर एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड नई दिल्ली से 862.79 करोड़ में 1063.59 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी गई।

इसके अलावा खुले बाजार से निविदा के माध्यम से एनवीवीएन दिल्ली से 163.03 करोड़ में 135.75 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी गई। लोक सूचना अधिकारी की ओर से कहा गया है कि बिजली खरीद के लिए विद्युत नियामक आयोग से अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि ऊर्जा निगम की ओर से आयोग की अनुमति के बिना महंगी बिजली खरीदी गई है। नियमानुसार बिजली खरीदने से पहले अनुमति ली जाती तो आयोग महंगी बिजली खरीद पर आपत्ति कर सकता था। आयोग यह भी पूछ सकता था कि ऊर्जा निगम की ओर से समय रहते बिजली की व्यवस्थों क्यों नहीं की गई। इन सबसे बचने के लिए आयोग की अनुमति के बिना करोड़ों की बिजली खरीदी गई। 

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इनका कहना है... 
बिजली खरीदने से पहले आयोग की अनुमति ली जाती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। बिजली की अति आवश्यकता और लोगों को दिक्कत न हो इसलिए ऐसा किया गया होगा। -डीपी गैरोला, अध्यक्ष विद्युत नियामक आयोग 

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बिजली खरीद का यह मामला मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी है। विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष से मेरी इस प्रकरण पर बात हुई है, उनका बस इतना कहना था कि इसकी सूचना देनी चाहिए थी, आगे से बिजली खरीद पर उन्हें इसकी सूचना दे दी जाएगी। -आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव ऊर्जा
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