आधार कार्ड बन जाने का एसएमएस आने के आठ महीने बाद भी पोस्टमैन अभी लोगों का कार्ड लेकर नहीं आया है।
आधार कार्ड कहां खो गया? किसी को पता नहीं है। लोगों का आरोप है कि यह आधार कार्ड प्रिंट आउट देने वाली कंपनियों की साजिश है। इन कंपनियों की सबसे अधिक कमाई प्रिंट आउट देने में ही है। इसमें कंपनियों और डाक विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत है। जिला प्रशासन से जांच कराने की मांग की गई है।
देहरादून में मतदाता सूची में आधार कार्ड नंबर जोड़ने के लिए बीएलओ घर-घर जा रहे हैं। लेकिन बीएलओ को कुछ ही लोग अपना आधार कार्ड नंबर बता पा रहे हैं। उनका कहना है कि बहुत से लोगों को आधार कार्ड का फार्म भरे लगभग साल भर हो गया लेकिन आधार कार्ड नहीं आया।
जब वे पोस्ट आफिस जाते हैं तो उन्हें टरका दिया जाता है कि जब कार्ड आएगा तो पहुंचा दिया जाएगा। मजबूरी में लोग पैसे देकर आधार कार्ड का प्रिंट आउट निकलवा रहे हैं।
लोगों ने इसकी जिला प्रशासन से शिकायत की है। लोगों का कहना है कि आधार कार्ड बनाने वाली जो कंपनियां पैसे लेकर प्रिंट आउट दे रही हैं उनने डाक विभाग के कर्मचारियों से सांठगांठ कर रखी है। पोस्ट आफिस वाले कार्ड पहुंचाते ही नहीं है जिससे लोग आधार कार्ड का प्रिंट आउट लेने कंपनी के केंद्रों पर जाएं।
प्रिंट आउट की कीमत वैसे तो 35 रुपए रखी गई है लेकिन केंद्रों में कहीं 60 रुपए और कहीं 100 रुपए वसूला जा रहा है। डाक अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में पोस्ट आफिसों को निर्देश दिए गए हैं कि जैसे ही कार्ड आएं फौरन वितरित कराए जाएं।
डाक विभाग को इस संबंध में कई बार पत्र लिखा जा चुका है कि आधार कार्डों का तत्काल वितरण कराया जाए। इस संबंध में जो शिकायतें आईं थीं उनसे भी विभाग को अवगत करा दिया गया था।
- प्रताप सिंह शाह, एडीएम वित्त
12 को लगेंगे विशेष कैंप
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बी.एल.ओ को उपलब्ध कराए गए मतदाता रजिस्टर में प्रत्येक मतदाता का मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और आधार कार्ड नंबर अंकित कराया जाना है। सभी एसडीएम, तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि 12 अप्रैल को मतदाता सूची के शुद्धिकरण योजना का प्रचार-प्रसार किया जाए और विशेष कैंप का आयोजन किया जाए।