नोटबंदी के बाद डिजिटल लेनदेन की दिशा में उत्तराखंड में बड़ा बदलाव आया है। प्वाइंट ऑफ सेल मशीन (पीओएस) अब स्कूल और पेट्रोल पंप से लेकर परचून की दुकानों तक पहुंच गई है।
नोटबंदी के बाद अब तक प्रदेश में कुल 6396 पीओएस मशीनें बांटी जा चुकी हैं। जबकि, बीते तीन माह (जनवरी-मार्च 2017) के भीतर बैंकों ने 1355 पीओएस बांटी हैं। स्टेट लेवल बैंकर्स समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के बाद से बैंकों ने बड़ी संख्या में पीओएस मशीनें वितरित की हैं।
इसमें सबसे ज्यादा मशीनें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने बांटी हैं। ये प्रदेश के तीन लीड बैंक हैं। प्रदेश में सेवा दे रहे 41 बैंकों में से 20 बैंकों ने पीओएस मशीनें बांटी हैं। खास बात यह है कि एक जनवरी से 31 मार्च के बीच प्रदेश में बैंकों ने 26 नई ब्रांच भी खोली हैं। तीन माह में 197 नए एटीएम लगने के साथ ही प्रदेश में एटीएम की कुल संख्या अब 2474 हो गई है।
तीन माह में बांटी गई पीओएस
बैंक का नाम-पीओएस की संख्या
एसबीआई-537
पीएनबी-140
बीओबी-336
ओबीसी-39
यूनियन बैंक-65
केनरा बैंक-08
सेंट्रल बैंक-04
इलाहाबाद बैंक-16
ओवरसीज बैंक-13
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला-31
बैंक ऑफ इंडिया-46
विजया बैंक-41
यूनाइटेड बैंक-13
नैनीताल बैंक-42
फेडरल लिमिटेड बैंक-03
कर्नाटका बैंक-21
77 लाख से ज्यादा की जेब में पहुंचा कार्ड
डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ ही बैंकों ने एटीएम कम डेबिट कार्ड और रूपे कार्ड का आवंटन भी तेज कर दिया है। इसका असर यह हुआ है कि मार्च 2017 तक प्रदेश के 77 लाख 98 हजार 51 लोगों की पॉकेट में या तो एटीएम या रूपे कार्ड पहुंच चुका है। बैंकों ने यह अभियान तेजी से चलाया है।
प्रदेश में इस वक्त कुल एक करोड़, 31 लाख, 79 हजार 99 सेविंग बैंक अकाउंट और 06 लाख 93 हजार 966 करेंट अकाउंट हैं। इनमें से अभी तक 57 लाख 90 हजार 668 खाताधारकों के पास एटीएम कम डेबिट कार्ड पहुंच चुका है।
जबकि, 20 लाख 07 हजार 383 ग्राहकों के पास रूपे कार्ड पहुंच चुका है। यानी, अभी तक कुल 56.21 प्रतिशत खाताधारक कार्ड से लैस हो चुके हैं। जबकि, 43.79 प्रतिशत खाताधारकों को अभी भी कार्ड जारी किया जाना है।