सरकारी स्कूलों के 16 लाख से अधिक छात्र अब एक ही तरह की ड्रेस में नजर आएंगे। उत्तराखंड में अब एक समान ड्रेस कोड लागू होगा।
छात्रों में ड्रेस को लेकर समानता बनी रहे और उनमें किसी तरह की हीन भावना पैदा न हो इसे लेकर यह कदम उठाया जा रहा है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के मुताबिक विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं। ड्रेस किस रंग की हो, इसके लिए अधिकारियों से सुझाव मांगा गया है।
प्रदेश के सरकारी बेसिक और जूनियर हाईस्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक सात लाख 75 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को सरकार की ओर से निशुल्क ड्रेस दी जाती है, लेकिन ड्रेस के रूप में मिलने वाली धनराशि से प्रत्येक जनपद की ओर से अलग-अलग रंग की ड्रेस बनाई गई है। कुछ जनपदों में इन बच्चों की शर्ट लाल व हरी चेकदार है तो कुछ जनपदों में पेंट मैरून कलर की है। कई स्कूलों में बच्चे ट्रैक शूट में भी स्कूल आ रहे हैं।
बेसिक और जूनियर के अलावा माध्यमिक स्कूलों के भी बच्चे हैं। सभी बच्चों को मिलाकर कुल संख्या 16 लाख है। माध्यमिक स्कूलों के बच्चे भी अलग-अलग ड्रेस में नजर आते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के मुताबिक बच्चों में हीन भावना पैदा न हो और बच्चों की ड्रेस के रूप में उत्तराखंड की पहचान नजर आए इसके लिए एक समान ड्रेस कोड लागू किए जाने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग में अब तक ड्रेस के लिए कोई सिस्टम लागू नहीं था, जिसके जो मन में आया उसने वही नियम लागू कर दिए, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, ड्रेस के रूप में प्रदेश की एक छवि नजर आए इसके लिए एक समान ड्रेस कोड लागू किया जाएगा।
अब कार्यक्रमों में जींस नहीं पहनेंगे मंत्री
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि ड्रेस को लेकर वह खुद बहुत संवेदनशील हैं। इसकी शुरूआत वह खुद से भी कर रहे हैं। शनिवार आखिरी दिन है मेरे जींस पहनकर बाहर निकलने का। अब विशेष रूप से शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों में वह जींस में नजर नहीं आएंगे।