फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गरीब कर रहे हैं गंगा को प्रदूषितः CM

Fri, 06 Jun 2014 04:44 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गरीबी सबसे बड़ा प्रदूषण है। यही गंगा-यमुना को भी प्रदूषित कर रही है।  
विज्ञापन


उन्होंने संत जगत से आह्वान किया गंगा को स्वच्छ बनाना है तो उन्हें गरीबी मुक्त भारत बनाने के लिए संकल्प लेना होगा।

गुरुवार को हरिपुरकलां स्थित हरिसेवा आश्रम में महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद की ओर से आयोजित संत सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा की स्वच्छता के लिए आप लाख जतन कर लें, लेकिन समाधान नहीं होगा।

इसके लिए गरीबी का प्रदूषण दूर करना होगा।

गरीबी मुक्त भारत बनाने का संकल्प लेना होगा

गरीबी की वजह से हजारों की आबादी गंगा-यमुना किनारे बसती है और यही गंगा को ज्यादा प्रदूषित करते हैं।

यदि हमारा संत समाज गंगा को स्वच्छ बनाना चाहता है तो उन्हें गरीबी मुक्त भारत बनाने का संकल्प लेना होगा।

इससे पूर्व दूधाधारी चौक के पास हैलीपैड पहुंचने पर मुख्यमंत्री का सतपाल ब्रह्मचारी, पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार, राजेश रस्तौगी, दीपक जखमोला, मुरली मनोहर आदि ने स्वागत किया।

गैरसैंण में सत्र बुलाना ऐतिहासिक कदम

हरिसेवा आश्रम में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र बुलाना ऐतिहासिक कदम है।

हमें समन्वित नीति बनाकर उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने पर विचार करना चाहिए।

अल्मोड़ा में कैबिनेट की बैठक के आयोजन को भी ऐतिहासिक फैसला बताते हुए रावत ने कहा कि अल्मोड़ा के विद्वानों ने उत्तराखंड राज्य का आंदोलन शुरू किया था।

ऊखीमठ, जोशीमठ तक हो यात्रा
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग की कठिनाईयों को संतों के सामने रखा।

खासकर बाबा केदारनाथ की यात्रा को कठिन बताते हुए उन्होंने यात्रा का केंद्र ऊखीमठ व जोशीमठ बनाने पर संतों से विचार करने को कहा। जिसकी अटूट श्रद्धा हो उसे ही जाने दिया जाए।
विज्ञापन

‘गंगा की रक्षा का भार संत के पास’

विद्वान डॉ. विष्णु दत्त राकेश ने हरिसेवा आश्रम में संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री साध्वी उमा भारती का नाम लिए बिना कहा कि अब गंगा की रक्षा का भार संत के पास आ गया है।

इससे गंगा की स्वच्छता को लेकर संतों के पास जो आक्षेप लगाने का अधिकार था वह छिन गया है।

सम्मेलन को स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, डॉ. श्यामसुंदर दास शास्त्री, बाबा हठयोगी, स्वामी भगवत स्वरूप, स्वामी आनंद चेतन, महंत सुरेंद्र मुनि आदि ने संबोधित किया।

 महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद ने मुख्यमंत्री, संतों आदि का स्वागत किया। संचालन स्वामी परशुराम गिरि ने किया। विधायक मदन कौशिक, मेयर मनोज गर्ग आदि उपस्थित रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें